
नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पटना:
जदयू और राजद के बीच गठबंधन से बिहार में ‘जंगल राज’ के फिर लौटने के भाजपा के आरोपों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को इन संभावनाओं से इनकार किया और कहा कि यह विकास के मुद्दे से भटकाने का प्रयास है।
कुमार ने पटना में एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘‘इस तरह के दुष्प्रचार से मत डरिए.. यह चुनावों में विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।’’
उन्होंने पूछा, ‘‘जंगल राज कहां है?’’ उन्होंने लोगों से जानना चाहा कि क्या महिलाएं और परिवार वाले लोग शाम ढलने के बाद नहीं घूमते।
कुमार ने कहा, ‘‘किसी भी कीमत पर राज्य में जंगलराज नहीं लौटने दिया जाएगा। बिहार में कानून का शासन है और कानून का शासन रहेगा।’’
लालू प्रसाद के साथ हाथ मिलाने के बाद कुछ लोग इसे जंगल राज की वापसी बता रहे हैं क्योंकि राजद के 15 वर्षों के शासन को एक वर्ग यही नाम देता है।
वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने भाषणों में जदयू और राजद के बीच गठबंधन को ‘जंगल राज..दो’ बताते हैं।
भाजपा पर प्रहार जारी रखते हुए कुमार ने पूछा कि वह लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे अपने नेताओं को ‘‘कोल्ड स्टोरेज में क्यों डाल दिया।’’ बिहार चुनावों में आडवाणी, जोशी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे स्टार प्रचारकों को भाजपा सूची से बाहर रखने संबंधी एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही।
समाजवादी पार्टी के धर्मनिरपेक्ष गठबंधन से बाहर होने के बारे में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती जनता परिवार को एकजुट करने का प्रयास किया गया लेकिन यह सफल नहीं हुआ। सपा ने वही किया जो उसे ठीक लगा।
बहरहाल उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन बरकरार है।
कुमार ने पटना साहिब से भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को ‘‘बिहार का गौरव’’ बताया और अफसोस जताया कि भाजपा ने लंबे समय तक उनकी लोकप्रियता भुनाने के बाद उन्हें फेंक दिया।
कुमार ने पटना में एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘‘इस तरह के दुष्प्रचार से मत डरिए.. यह चुनावों में विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।’’
उन्होंने पूछा, ‘‘जंगल राज कहां है?’’ उन्होंने लोगों से जानना चाहा कि क्या महिलाएं और परिवार वाले लोग शाम ढलने के बाद नहीं घूमते।
कुमार ने कहा, ‘‘किसी भी कीमत पर राज्य में जंगलराज नहीं लौटने दिया जाएगा। बिहार में कानून का शासन है और कानून का शासन रहेगा।’’
लालू प्रसाद के साथ हाथ मिलाने के बाद कुछ लोग इसे जंगल राज की वापसी बता रहे हैं क्योंकि राजद के 15 वर्षों के शासन को एक वर्ग यही नाम देता है।
वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने भाषणों में जदयू और राजद के बीच गठबंधन को ‘जंगल राज..दो’ बताते हैं।
भाजपा पर प्रहार जारी रखते हुए कुमार ने पूछा कि वह लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे अपने नेताओं को ‘‘कोल्ड स्टोरेज में क्यों डाल दिया।’’ बिहार चुनावों में आडवाणी, जोशी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे स्टार प्रचारकों को भाजपा सूची से बाहर रखने संबंधी एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही।
समाजवादी पार्टी के धर्मनिरपेक्ष गठबंधन से बाहर होने के बारे में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती जनता परिवार को एकजुट करने का प्रयास किया गया लेकिन यह सफल नहीं हुआ। सपा ने वही किया जो उसे ठीक लगा।
बहरहाल उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन बरकरार है।
कुमार ने पटना साहिब से भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को ‘‘बिहार का गौरव’’ बताया और अफसोस जताया कि भाजपा ने लंबे समय तक उनकी लोकप्रियता भुनाने के बाद उन्हें फेंक दिया।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
नीतीश कुमार, बिहार विधानसभा चुनाव 2015, नरेंद्र मोदी, जंगलराज, लालू प्रसाद यादव, Nitish Kumar, Bihar Assembly Polls 2015, Narendra Modi, Jungle Raj, Lalu Prasad Yadav