
दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की हार से केंद्र पर थोड़ा असर तो पड़ेगा, लेकिन इससे पांच साल के लिए चुनी जा चुकी नरेंद्र मोदी की सरकार पर कोई खतरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि एनडीए सरकार के लिए कोई चुनौती है। अगर वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो निश्चित तौर पर उनसे सवाल पूछा जाएगा।'
कांग्रेस के महासचिव ने हालांकि यह कहा कि लोगों को अब मोदी सरकार को चुनने की अपनी गलती का अहसास हो रहा है, जिसकी निगरानी में असहिष्णुता की ताकतों का उत्थान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि कांग्रेस ने नफरत फैलाने वालों के खिलाफ 'ठोस कदम उठाने' के लिए एकीकृत धर्मनिरपेक्ष बलों का आह्वान किया था', लेकिन 'बिल्कुल अभी' कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सकता कि क्या संप्रग तीन का गठन हो सकता है और यदि हां तो कब? उन्होंने बताया, 'अब लोगों को अपनी गलती का अहसास हो रहा है। यूपीए के शासनकाल में हमने जो कुछ भी हासिल किया था, मोदी के शासनकाल में हम वह खो रहे हैं। आप यूपीए तीन के विषय में एकदम अभी नहीं कह सकते।'
कार्यकर्ता की इच्छा राहुल संभालें कमान
राहुल गांधी द्वारा कभी न कभी कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाले जाने की चर्चा के बीच सिंह ने कहा कि वह इसके बारे में किसी तय समय की घोषणा नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने इन कयासों को खारिज कर दिया कि राहुल का कद बढ़ने के बाद वरिष्ठ नेताओं को बीजेपी की तरह 'मार्गदर्शक मंडल' में डाल दिया जाएगा। राहुल द्वारा अगले साल मार्च तक कमान संभाल लिए जाने के संदर्भ में चल रही बात के बारे में जब दिग्विजय से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के मुद्दे पर फैसला कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कांग्रेस कार्यसमिति को करना है। दिग्विजय सिंह इसके बारे में पूर्वानुमान नहीं लगा सकते।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल को कमान जल्द ही सौंप दी जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा, 'हां, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच यह भावना आम है, लेकिन यह फैसला कब लिया जा सकता है, यह तो कांग्रेस अध्यक्षा ही बता सकती हैं।'
कांग्रेस के महासचिव ने हालांकि यह कहा कि लोगों को अब मोदी सरकार को चुनने की अपनी गलती का अहसास हो रहा है, जिसकी निगरानी में असहिष्णुता की ताकतों का उत्थान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि कांग्रेस ने नफरत फैलाने वालों के खिलाफ 'ठोस कदम उठाने' के लिए एकीकृत धर्मनिरपेक्ष बलों का आह्वान किया था', लेकिन 'बिल्कुल अभी' कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सकता कि क्या संप्रग तीन का गठन हो सकता है और यदि हां तो कब? उन्होंने बताया, 'अब लोगों को अपनी गलती का अहसास हो रहा है। यूपीए के शासनकाल में हमने जो कुछ भी हासिल किया था, मोदी के शासनकाल में हम वह खो रहे हैं। आप यूपीए तीन के विषय में एकदम अभी नहीं कह सकते।'
कार्यकर्ता की इच्छा राहुल संभालें कमान
राहुल गांधी द्वारा कभी न कभी कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाले जाने की चर्चा के बीच सिंह ने कहा कि वह इसके बारे में किसी तय समय की घोषणा नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने इन कयासों को खारिज कर दिया कि राहुल का कद बढ़ने के बाद वरिष्ठ नेताओं को बीजेपी की तरह 'मार्गदर्शक मंडल' में डाल दिया जाएगा। राहुल द्वारा अगले साल मार्च तक कमान संभाल लिए जाने के संदर्भ में चल रही बात के बारे में जब दिग्विजय से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के मुद्दे पर फैसला कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कांग्रेस कार्यसमिति को करना है। दिग्विजय सिंह इसके बारे में पूर्वानुमान नहीं लगा सकते।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल को कमान जल्द ही सौंप दी जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा, 'हां, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच यह भावना आम है, लेकिन यह फैसला कब लिया जा सकता है, यह तो कांग्रेस अध्यक्षा ही बता सकती हैं।'
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