
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
भभुआ:
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पता नहीं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद जी की क्या मजबूरी थी कि चारा घाटोला मामले में नीतीश के उनको सजा दिलवाने के बावजूद वह उनके साथ जा खड़े (बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन) हुए।
कैमूर जिले के जगजीवन स्टेडियम में रविवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि चारा घोटाला में पांच साल की सजा होने से लालू जी को भारी राजनीतिक नुकसान हुआ पर आश्चर्य है कि उन्होंने नीतीश के साथ जाने का निर्णय लिया। मुलायम ने नीतीश को धोखेबाज बताते हुए कहा कि जनता परिवार को एकजुट करने में उन्होंने शुरुआत में तो सहयोग किया पर बाद में धोखा दिया।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बने नीतीश नीत धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन में सपा के लिए पहले एक भी सीट नहीं देने और बाद में छोड़ी गयी तीन सीटें एनसीपी के अस्वीकार कर दिए जाने पर उक्त सीटों के साथ लालू ने अपनी दो सीटें (कुल पांच) सपा को दी थी। लेकिन सपा ने इसे खारिज करते हुए महागठबंधन से नाता तोड़कर एनसीपी सहित चार अन्य दलों के साथ मिलकर तीसरे मोर्चे का गठन कर लिया।
मुलायम ने नीतीश के अपने शासनकाल के दौरान किए गए विकास के दावे पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार ने साढ़े तीन साल की अवधि में जितना विकास का काम किया, उतना नीतीश अपने 10 साल के शासनकाल के दौरान नहीं कर पाए। उन्होंने लालू और नीतीश पर समाजवादी विचाराधारा को छोड़कर कांग्रेस के साथ हाथ मिला लेने के लिए उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता इन्हें पहचान चुकी है और अब वह इनके झांसे में नहीं आने वाली है।
कैमूर जिले के जगजीवन स्टेडियम में रविवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि चारा घोटाला में पांच साल की सजा होने से लालू जी को भारी राजनीतिक नुकसान हुआ पर आश्चर्य है कि उन्होंने नीतीश के साथ जाने का निर्णय लिया। मुलायम ने नीतीश को धोखेबाज बताते हुए कहा कि जनता परिवार को एकजुट करने में उन्होंने शुरुआत में तो सहयोग किया पर बाद में धोखा दिया।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बने नीतीश नीत धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन में सपा के लिए पहले एक भी सीट नहीं देने और बाद में छोड़ी गयी तीन सीटें एनसीपी के अस्वीकार कर दिए जाने पर उक्त सीटों के साथ लालू ने अपनी दो सीटें (कुल पांच) सपा को दी थी। लेकिन सपा ने इसे खारिज करते हुए महागठबंधन से नाता तोड़कर एनसीपी सहित चार अन्य दलों के साथ मिलकर तीसरे मोर्चे का गठन कर लिया।
मुलायम ने नीतीश के अपने शासनकाल के दौरान किए गए विकास के दावे पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार ने साढ़े तीन साल की अवधि में जितना विकास का काम किया, उतना नीतीश अपने 10 साल के शासनकाल के दौरान नहीं कर पाए। उन्होंने लालू और नीतीश पर समाजवादी विचाराधारा को छोड़कर कांग्रेस के साथ हाथ मिला लेने के लिए उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता इन्हें पहचान चुकी है और अब वह इनके झांसे में नहीं आने वाली है।
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