प्रतीकात्मक चित्र
भोपाल:
मध्य प्रदेश के दो प्रमुख नगरों - भोपाल और इंदौर के नगर निगम क्षेत्र के लोगों को आधार नंबर और ई-आईडी (पहचान-पत्र) के आधार पर भी नवंबर माह का राशन वितरण होगा. इन दोनों महानगरों के क्षेत्र में प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने पर इस व्यवस्था को अमल में लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने इंदौर, भोपाल के अलावा खंडवा में नवंबर माह से राशन दुकान से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन कर राशन देने की व्यवस्था को अमल में लाया, मगर भोपाल व इंदौर में कई स्थानों पर मशीन में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं. इसके चलते नई व्यवस्था को अमल में लाया गया है.
खाद्य विभाग के आयुक्त फैज अहमद किदवई ने बुधवार को दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी पात्र उपभोक्ताओं, जिनका पीओएस मशीन की तकनीकी खराबी से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार नंबर और आधार नंबर नहीं होने की स्थिति में ई-आईडी की छायाप्रति उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा प्राप्त की जाएगी.
उल्लेखनीय है कि राज्य के खाद्य मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा 1 नवंबर 2016 से लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर भोपाल, इंदौर और खंडवा नगर निगम क्षेत्र में राशन वितरण व्यवस्था लागू की गई है. खंडवा में 76 प्रतिशत, भोपाल में 31 और इंदौर में 32 प्रतिशत परिवारों को नवंबर माह का राशन वितरण किया जा चुका है. भोपाल और इंदौर नगर निगम क्षेत्र में तकनीकी कारणों से कम पात्र परिवारों को राशन वितरण हुआ है. इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग द्वारा उपरोक्त निर्देश जारी किए गए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने इंदौर, भोपाल के अलावा खंडवा में नवंबर माह से राशन दुकान से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन कर राशन देने की व्यवस्था को अमल में लाया, मगर भोपाल व इंदौर में कई स्थानों पर मशीन में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं. इसके चलते नई व्यवस्था को अमल में लाया गया है.
खाद्य विभाग के आयुक्त फैज अहमद किदवई ने बुधवार को दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी पात्र उपभोक्ताओं, जिनका पीओएस मशीन की तकनीकी खराबी से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार नंबर और आधार नंबर नहीं होने की स्थिति में ई-आईडी की छायाप्रति उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा प्राप्त की जाएगी.
उल्लेखनीय है कि राज्य के खाद्य मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा 1 नवंबर 2016 से लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर भोपाल, इंदौर और खंडवा नगर निगम क्षेत्र में राशन वितरण व्यवस्था लागू की गई है. खंडवा में 76 प्रतिशत, भोपाल में 31 और इंदौर में 32 प्रतिशत परिवारों को नवंबर माह का राशन वितरण किया जा चुका है. भोपाल और इंदौर नगर निगम क्षेत्र में तकनीकी कारणों से कम पात्र परिवारों को राशन वितरण हुआ है. इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग द्वारा उपरोक्त निर्देश जारी किए गए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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