बेंगलुरु:
सोमवार से कर्नाटक में शुरू हुई सरकारी बसों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रहेगी, क्योंकि यूनियन के साथ सरकार की बातचीत बेनतीजा रही। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज सोमवार से ही बंद हैं और ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक सभी शैक्षणिक संस्थान बुधवार को भी बंद रहेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का पहले से तय बुधवार का दिल्ली दौरा रद्द कर दिया गया है। सिद्धरमैया ने दोहराया कि सरकार सैलरी में 10 फीसदी की वृद्धि को तैयार है, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों की मांग 30 फीसदी सैलरी बढ़ाने की है।
फिलहाल 10 से 15 साल के अनुभव वाले बस ड्राइवरों को तकरीबन 25 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जबकि रिटायरमेंट के नज़दीक वालों को 30 हज़ार रुपये महीना। कंडक्टरों की सैलरी भी लगभग ड्राइवरों के बराबर ही है। इसके इलावा टिकट बिक्री से हुई आमदनी का 3 प्रतिशत कमीशन भी रोजाना भत्ते के तौर पर इन्हें चाय-नाश्ते के लिए मिलता है।
बेंगलुरु से हासन और मंगलुरु और इसी तरह के लंबी रूटों पर चलने वाली बसों में 45 से 55 सीटें होती हैं और किराया 600 रुपये के आसपास होता है। अगर औसतन 50 सीट भरी हुई हैं तो 750 रुपये का कमीशन ड्राइवर और खलासी के बीच आधा-आधा बंटता है।
कर्नाटक के 1 लाख 25 हजार राज्य परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लगभग 23,000 बसें नहीं चला पा रही हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद इन्हें लगता है कि सैलरी नहीं बढ़ाकर सरकार इन लोगों के साथ नाइंसाफी कर रही है।
फिलहाल 10 से 15 साल के अनुभव वाले बस ड्राइवरों को तकरीबन 25 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जबकि रिटायरमेंट के नज़दीक वालों को 30 हज़ार रुपये महीना। कंडक्टरों की सैलरी भी लगभग ड्राइवरों के बराबर ही है। इसके इलावा टिकट बिक्री से हुई आमदनी का 3 प्रतिशत कमीशन भी रोजाना भत्ते के तौर पर इन्हें चाय-नाश्ते के लिए मिलता है।
बेंगलुरु से हासन और मंगलुरु और इसी तरह के लंबी रूटों पर चलने वाली बसों में 45 से 55 सीटें होती हैं और किराया 600 रुपये के आसपास होता है। अगर औसतन 50 सीट भरी हुई हैं तो 750 रुपये का कमीशन ड्राइवर और खलासी के बीच आधा-आधा बंटता है।
कर्नाटक के 1 लाख 25 हजार राज्य परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लगभग 23,000 बसें नहीं चला पा रही हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद इन्हें लगता है कि सैलरी नहीं बढ़ाकर सरकार इन लोगों के साथ नाइंसाफी कर रही है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं