बेंगलुरु:
बेंगलुरु में पिछले तीन महीनों से सड़कों पर दहशत फैलाने वाला बाइकर गैंग आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि पूछताछ में इन्होंने 17 वारदात में शामिल होने की बात कबूल की है, लेकिन इनके खिलाफ एक भी एफआईआर किसी भी पुलिस थाने में अबतक दर्ज नहीं है. जो 12 आरोपी पकड़े गए हैं उनमें से 6 नाबालिग हैं. बेंगलुरु दक्षिण के डीसीपी डॉ श्रणप्पा के मुताबिक इनके पास से चोरी की 9 बाइक और 8 कारों के अलावा 17 मोबाइल फोन जब्त हुए हैं. पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी कई मामलों का खुलासा होगा.
डीसीपी श्रणप्पा ने अपील की है जिन लोगों के साथ बाइक सवार लुटेरों ने अपराध को अंजाम दिया है, वे बेखौफ होकर सामने आएं, ताकि इन आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला अदालत में दर्ज करवाया जा सके. इस गैंग के बारे में किसी को पता भी नहीं चलता, यदि एक मकान मालिक ने डिलीट करने से पहले अपने घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की ज़हमत न की होती.
जैसे ही उन्होंने सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों के इस गैंग की करतूत देखी, फौरन मीडिया को फुटेज दिखाया. जिसके बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ.
सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ कि सड़क पर अकेले चलते किसी शख्स को बाइक पर सवार दो लोग रोककर कुछ सवाल पूछते, तभी दूसरी और फिर इसके बाद तीसरी बाइक आ जाती. इसके बाद ये लोग उस शख्स से मार-पीटकर उसका सामान छीन लेते थे.
डीसीपी श्रणप्पा ने अपील की है जिन लोगों के साथ बाइक सवार लुटेरों ने अपराध को अंजाम दिया है, वे बेखौफ होकर सामने आएं, ताकि इन आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला अदालत में दर्ज करवाया जा सके. इस गैंग के बारे में किसी को पता भी नहीं चलता, यदि एक मकान मालिक ने डिलीट करने से पहले अपने घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की ज़हमत न की होती.
जैसे ही उन्होंने सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों के इस गैंग की करतूत देखी, फौरन मीडिया को फुटेज दिखाया. जिसके बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ.
सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ कि सड़क पर अकेले चलते किसी शख्स को बाइक पर सवार दो लोग रोककर कुछ सवाल पूछते, तभी दूसरी और फिर इसके बाद तीसरी बाइक आ जाती. इसके बाद ये लोग उस शख्स से मार-पीटकर उसका सामान छीन लेते थे.
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