उत्तराखंड के पहाड़ों और खूबसूरत वादियों में घूमना किसे पसंद नहीं है? लेकिन पहाड़ों का यह खूबसूरत सफर पल भर में एक बुरे सपने में बदल सकता है, अगर आपके पास ड्राइविंग का सही हुनर या कार में सही सेफ्टी फीचर्स न हों. सोशल मीडिया पर मसूरी के पास लैंडौर (Landour) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक Tata Nexon कार खड़ी चढ़ाई पर बेबस नजर आ रही है. इस वीडियो ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है कि आखिर पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय 'हिल-होल्ड असिस्ट' (Hill-Hold Assist) फीचर क्यों आपकी जान बचा सकता है.
क्या है वायरल वीडियो में?
यह घटना गढ़वाल हिमालय के मशहूर पर्यटन स्थल लैंडौर की है, जो लाल टिब्बा की तरफ जाने वाले बेहद संकरे और खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों के लिए जाना जाता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ड्राइवर अपनी टाटा नेक्सॉन कार को एक खतरनाक मोड़ पर सही तरीके से ऊपर ले जा रही थी. तभी अचानक सामने से आ रहे एक स्कूटी सवार ने लापरवाही से उसकी राह काट दी. इस वजह से ड्राइवर को कार को बीच चढ़ाई पर बिल्कुल रोकना पड़ा. पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय यह स्थिति सबसे खतरनाक मानी जाती है.
बीच चढ़ाई पर गाड़ी रोकना क्यों है खतरनाक?
जब आप एक भारी कॉम्पैक्ट SUV को ढलान पर पूरी तरह रोक देते हैं, तो इसे ग्रैविटी तुरंत अपनी तरफ खींचने लगती है. ऐसी स्थिति में गाड़ी को बिना पीछे ले जाए आगे बढ़ाना एक बहुत बड़ा चैलेंज होता है. ड्राइवर को क्लच और एक्सीलेटर का बेहतरीन संतुलन बनाना पड़ता है. अगर इंजन का RPM कम हुआ तो कार बंद हो जाएगी और अगर हड़बड़ाहट में क्लच को अचानक छोड़ दिया गया, तो आगे के पहिये हवा में स्पिन करने लगेंगे. वायरल वीडियो में भी यही हुआ, नेक्सॉन आगे नहीं बढ़ पाई और आखिरकार वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पीछे से धक्का लगाकर कार को ऊपर चढ़ाया.
क्या होता है हिल-होल्ड असिस्ट और यह कैसे बचाता है?
अगर आप मैनुअल या एएमटी (AMT) कार पहाड़ों पर चलाते हैं, तो ब्रेक से पैर हटाकर एक्सीलेटर पर ले जाने के बीच का जो एक सेकंड होता है, उसमें कार के पीछे खाई में गिरने का डर सबसे ज्यादा होता है. इसी डर को खत्म करता है 'हिल-होल्ड असिस्ट' फीचर.
जब कार के सेंसर यह पहचान लेते हैं कि गाड़ी भारी ढलान पर खड़ी है, तो यह सिस्टम ब्रेक पैडल से पैर हटाने के बाद भी अगले 2 से 3 सेकंड तक ब्रेक को ऑटोमैटिक दबाकर रखता है.
Hyundai, Mercedes और BYD की कारों में आई बड़ी खराबी! 1.46 लाख से ज्यादा गाड़ियां बुलाई वापस
इससे ड्राइवर को बिना किसी तनाव या घबराहट के पैर को एक्सीलेटर पर ले जाने और क्लच छोड़ने का पूरा समय मिल जाता है. गाड़ी एक इंच भी पीछे नहीं डोलती.
अगर कार में यह फीचर न हो, तो अपनाएं ये देसी जुगाड़
हालांकि टाटा नेक्सॉन के नए और टॉप वेरिएंट्स में यह फीचर आता है, लेकिन भारत की सड़कों पर दौड़ रही लाखों कारों में यह इलेक्ट्रॉनिक असिस्ट नहीं है. ऐसे में आपको 'हैंडब्रेक स्टार्ट' की पुरानी और सबसे भरोसेमंद तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए.
चढ़ाई पर रुकते ही सबसे पहले हैंडब्रेक को पूरी तरह खींच दें.
अब गाड़ी को पहले गियर में डालें और धीरे-धीरे क्लच छोड़ते हुए एक्सीलेटर दबाएं.
जैसे ही आपको महसूस हो कि कार का इंजन आगे बढ़ने के लिए जोर लगा रहा है और पिछला हिस्सा थोड़ा झुक रहा है, उसी वक्त धीरे से हैंडब्रेक को नीचे गिरा दें. गाड़ी बिना पीछे जाए आगे बढ़ जाएगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं