अक्सर लोग कार या बाइक का इंश्योरेंस रिन्यू कराते वक्त थोड़ा समय लगाने की सोचते हैं या फिर सबसे सस्ती पॉलिसी की तलाश में तारीख निकाल देते हैं. अगर आप भी सोचते हैं कि इंश्योरेंस की तारीख 2-4 दिन आगे बढ़ाने से पैसे बच जाएंगे, तो आप बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं. भारत में करीब 44 प्रतिशत वाहन बिना वैलिड इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं. पॉलिसी लैप्स होने पर न सिर्फ कानूनन जुर्माना लगता है, बल्कि सालों से जमा किया गया नो क्लेम बोनस (NCB) भी जीरो हो जाता है. आइए समझते हैं कि इंश्योरेंस रिन्यूअल टालना आपकी जेब पर कितना भारी पड़ सकता है.
50 प्रतिशत तक नो क्लेम बोनस
मोटर इंश्योरेंस समय पर रिन्यू न करने का सबसे बड़ा नुकसान 'नो क्लेम बोनस' (NCB) के रूप में होता है. यदि आपने पूरे साल कोई क्लेम नहीं लिया है, तो इंश्योरेंस कंपनियां रिन्यूअल प्रीमियम पर 20 से लेकर 50 प्रतिशत तक की छूट देती हैं. लेकिन अगर आपकी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी लैप्स होने के बाद 90 दिनों से ज्यादा का समय बीत जाता है, तो आपका यह जमा बोनस पूरी तरह से खत्म हो जाता है. यानी अगले साल आपको पूरा प्रीमियम भरना पड़ेगा.
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गाड़ी की जांच
अगर आपकी पॉलिसी में एक भी दिन का गैप आता है, तो इंश्योरेंस कंपनी ब्रेक-इन पॉलिसी के तहत नई पॉलिसी जारी करने से पहले आपकी गाड़ी का फिजिकल या डिजिटल इंस्पेक्शन (जांच) अनिवार्य कर देती है. इस प्रक्रिया में अगर गाड़ी में कोई पुराना स्क्रैच या डैमेज मिलता है, तो कंपनी उसके लिए कवर देने से मना कर सकती है या फिर आपसे ज्यादा प्रीमियम वसूल सकती है.
सस्ती पॉलिसी के बजाए सही कवरेज चुनें
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंश्योरेंस पर पैसे बचाने का मतलब सबसे सस्ती पॉलिसी खरीदना नहीं है. गाड़ियों की रिपेयरिंग का खर्च जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए सही एड-ऑन्स (जैसे ज़ीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन, रोडसाइड असिस्टेंस) चुनना बेहद जरूरी है.
टू-व्हीलर मालिक कर रहे सबसे ज्यादा गलती
आंकड़ों के अनुसार, हर आठ में से एक ग्राहक हर साल अपनी पॉलिसी को लैप्स होने देता है. यह चलन दोपहिया वाहन चालकों में सबसे ज्यादा देखा जाता है. ज्यादातर लोग इंश्योरेंस को सिर्फ पुलिस चालान से बचने का एक कानूनी जरिया मानते हैं. जबकि हकीकत में यह किसी भी अनहोनी या एक्सीडेंट के समय आपके बैंक बैलेंस को सुरक्षित रखने वाला एक महत्वपूर्ण ढाल है.
IRDAI का नियम: कोई ग्रेस पीरियड नहीं
भारतीय बीमा नियामक (IRDAI) के नियमों के अनुसार मोटर इंश्योरेंस में कोई ग्रेस पीरियड नहीं मिलता है. पॉलिसी खत्म होने की तारीख के अगले ही दिन से आपकी गाड़ी बिना कवर की मानी जाएगी. इसलिए आखिरी दिन का इंतजार किए बिना, कम से कम 10-15 दिन पहले अलग-अलग कंपनियों के प्लान्स की तुलना करें और समय पर रिन्यूअल कराकर अपने नो क्लेम बोनस और गाड़ी दोनों को सुरक्षित रखें.
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