- पुरानी कारों को 100% इथेनॉल पर चलाने के लिए 15,000 रुपये की सस्ती किट का दावा.
- ISMA ने IIT दिल्ली के साथ मिलकर मारुति Swift और Dzire पर ट्रायल पूरा कर लिया है.
- यह किट BS4 और BS6 पेट्रोल कारों को फ्लेक्स-फ्यूल वाहन में बदलेगी.
Auto News: भारत में इस वक्त पुरानी BS4 और BS6 पेट्रोल कार चलाने वाले करोड़ों लोग एक गहरे असमंजस में हैं. एक तरफ उन्हें यह डर सता रहा है कि पेट्रोल में बढ़ते एथेनॉल मिक्स (जैसे E85 पेट्रोल) से कहीं उनकी गाड़ी का इंजन खराब न हो जाए, तो दूसरी तरफ इस बात का कंफ्यूजन है कि इस नई टेक्नोलॉजी के दौर में कौन सी गाड़ी उनके लिए बेस्ट रहेगी, जिस पर बार-बार हो रहे बदलावों से ज्यादा फर्क न पड़े. अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) की यह ताजा टेस्ट रिपोर्ट आपको बड़ी राहत देगी. जल्द ही आप अपनी मौजूदा पेट्रोल कार को बिना इंजन बदले फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) कार में बदल सकेंगे.
सिर्फ 15,000 रुपये में हो जाएगा काम
ISMA के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी ने 'ऑटोकार प्रोफेशनल' को बताया कि अगर एथेनॉल कन्वर्जन किट भारत में ही बनाई जाए, तो ग्राहकों के लिए इसकी कीमत 15,000 रुपये के आसपास होगी. बल्लानी के मुताबिक, जब इसका प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर शुरू होगा तो यह और भी सस्ती हो सकती है. जानकारी के लिए बता दें कि अभी अगर आप विदेशी ऑनलाइन मार्केट से इंपोर्टेड एथेनॉल किट मंगाते हैं, तो उसकी कीमत 40,000 से 60,000 रुपये के बीच बैठती है.
IIT दिल्ली के साथ मिलकर मारुति की गाड़ियों पर टेस्ट
यह किट पुरानी कारों पर कितनी कारगर है, यह जानने के लिए ISMA ने IIT दिल्ली के साथ मिलकर एक स्टडी की. इस टेस्ट के लिए फिनलैंड की कंपनी 'eFlexFuel' की इंपोर्टेड किट (जिसकी कीमत करीब 45,000 रुपये है) का इस्तेमाल किया गया. इसे दो कारों में फिट किया गया. पहली- BS4 मारुति स्विफ्ट, जो E10 फ्यूल के हिसाब से बनी है. जबकि दूसरी- BS6 मारुति डिजायर, जो E20 फ्यूल के लिए बनी है.
हजारों KM दौड़ीं कारें, टेस्टिंग के ये रहे नतीजे
रिसर्चर्स ने इन दोनों कारों को E15 से लेकर पूरी तरह शुद्ध एथेनॉल (E100) पर 10,000 किलोमीटर से ज्यादा चलाकर परखा. इस दौरान BS4 स्विफ्ट कार ने अलग-अलग एथेनॉल ब्लेंड पर कुल 10500 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें 1000 किमी तो सिर्फ 100% एथेनॉल पर चलाई गई. वहीं, BS6 डिजायर ने 14250 किलोमीटर का सफर तय किया. इसमें से 5000 किमी की ड्राइविंग सिर्फ E100 फ्यूल पर की गई.
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'ये किट इंजन के साथ नहीं करनी पड़ती छेड़छाड़'
यह किट एक स्मार्ट एथेनॉल सेंसर के साथ आती है. यह सेंसर खुद पता लगा लेता है कि तेल में कितना एथेनॉल मिला है और उसी हिसाब से फ्यूल इंजेक्शन को सेट कर देता है. यानी अलग-अलग एथेनॉल ब्लेंड के लिए कार के ECU (इंजन कंट्रोल यूनिट) की सेटिंग को बार-बार बदलने की कोई जरूरत नहीं पड़ती. बल्लानी ने बताया कि रिपोर्ट जमा कर दी गई है और यह साबित हो गया है कि BS4 और BS6 गाड़ियां इस किट के साथ E85 या E100 जैसे फ्यूल पर बिना इंजन डैमेज के शानदार तरीके से दौड़ सकती हैं.
नई कार खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत!
फिलहाल देश में 20 प्रतिशत एथेनॉल वाला पेट्रोल मिल रहा है. सरकार जल्द ही E85 और E100 जैसे फ्यूल को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है. हालांकि E85 सिर्फ खास फ्लेक्स-फ्यूल कारों में ही इस्तेमाल हो सकता है. ऐसे में यह स्वदेशी कन्वर्जन किट लाखों पुरानी पेट्रोल कार मालिकों के लिए एक वरदान साबित होगी, क्योंकि उन्हें एथेनॉल का फायदा उठाने के लिए नई गाड़ी नहीं खरीदनी पड़ेगी.
कब तक मार्केट में आएगी यह किट?
दीपक बल्लानी ने यह भी साफ किया कि कोई भी झूठा वादा या जल्दबाजी ठीक नहीं है. यह तकनीक अभी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है. अभी सिर्फ इंपोर्टेड किट की टेस्टिंग हुई है. भारत में बनी किट्स को बाजार में बिकने से पहले सरकारी रेगुलेटर्स, ऑटोमोटिव टेस्टिंग एजेंसियों और कार कंपनियों (OEMs) के कड़े टेस्ट पास करके अप्रूवल लेने होंगे. इसके लिए ISMA ने संबंधित अधिकारियों को एक चिट्ठी भी लिखी है ताकि देश में इन किट्स की टेस्टिंग, अप्रूवल और मैन्युफैक्चरिंग का एक पक्का फ्रेमवर्क बनाया जा सके.
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