मौजूदा समय में व्हीकल्स के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स काफी सख्त कर दिए गए. इसलिए ही आजकल नए मॉडल्स को कई सेफ्टी एजेंसी, जैसे - ग्लोबल NCAP या भारत NCAP से होकर गुजरना पड़ता है. इस बीच चीन की एक सेफ्टी रेटिंग एजेंसी ने हाल ही में काफी सुर्खियां बटोरी हैं. इसका नाम है गीली सेफ्टी सेंटर (Geely Safety Centre), जिससे गीली ऑटो ग्रुप (Geely Auto Group) ने दिसंबर 2025 में पर्दा उठाया था. इसे अब तक की सबसे एडवांस्ड ऑटोमोटिव सेफ्टी टेस्टिंग फैसिलिटी माना जा रहा है. खास बात ये है कि इस कार सेफ्टी टेस्ट सेंटर ने कई नए वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं, जिसके चलते इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है. यह सेंटर पूर्वी चीन के निंगबो (झेजियांग) में स्थित है.
सेंटर के वर्ल्ड रिकार्ड्स
गीली ने इस सेंटर में 284 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. गीली सेफ्टी सेंटर ने जिन रिकॉर्ड्स को अपने नाम किया है, उनमें शामिल हैं -
- सबसे लंबा इनडोर क्रैश टेस्ट ट्रैक : 293.39 मीटर लंबा और 8.46 से 9.03 मीटर चौड़ा.
- कार टेस्टिंग के लिए सबसे बड़ा विंड टनल : यह 28,536.224 वर्ग मीटर में फैला है और तीन मंजिलों पर मौजूद है. यह असली सड़क और मौसम के हालात जैसे उच्च तापमान और ऊंचाई को सिमुलेट कर सकता है.
- सबसे बड़ा 0-180 डिग्री एंगल वाला क्रैश टेस्ट जोन : यह 12,709.293 वर्ग मीटर में फैला है, जहां कार को किसी भी एंगल से टक्कर मारने की टेस्टिंग की जा सकती है.
- सबसे ज्यादा सेफ्टी टेस्ट : यहां 27 तरह की टेस्टिंग की जा सकती है. इनमें 11 व्हीकल-लेवल टेस्ट, 7 सिस्टम-लेवल टेस्ट, 3 कंपोनेंट-लेवल टेस्ट और 6 फंक्शनल-लेवल टेस्ट शामिल हैं.
कैसे होती है टेस्टिंग?
गीली ने लगभग 28.35 मिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट से 60 क्रैश टेस्ट डमी की एक सीरीज तैयार की है, जो अलग-अलग जेंडर और उम्र के लोगों को दिखाती हैं. इन डमी का इस्तेमाल टक्कर के दौरान एक्सीलरेशन, डिस्प्लेसमेंट और फोर्स जैसे पैरामीटर पर डेटा इकट्ठा करने के लिए किया जाता है. इसका मकसद क्रैश मेट्रिक्स को सही तरीके से इकट्ठा करना और सेफ्टी उपायों का ठीक से मूल्यांकन करना है.
देखिए वीडियो:
साइबर सेफ्टी पर भी फोकस
स्मार्ट और न्यू एनर्जी से चलने वाली गाड़ियों की सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए, गीली ने व्हीकल साइबरसिक्योरिटी टेस्ट फैसिलिटी भी सेटअप की है. यह गाड़ियों की डिजिटल सेफ्टी चेक करती है. इसमें कार के नेटवर्क सिस्टम, सॉफ्टवेयर की कमजोरियां और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सेफ्टी सहित 8 अलग-अलग कैटेगरीज पर खास ध्यान दिया जाता है.
ब्रांड का प्रदर्शन
गीली ऑटो की 2025 की पहली छमाही की फाइनेंशियल रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने इस साल जनवरी से जून के बीच 1.409 मिलियन गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में 47 फीसदी ज्यादा है. इनमें से इलेक्ट्रिक और दूसरी नई एनर्जी गाड़ियों की बिक्री 725,000 यूनिट से ज्यादा रही, जो पिछले साल के मुकाबले 126 फीसदी की बढ़ोतरी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं