दुबई ने अपनी सड़कों पर पहली ड्राइवरलेस RT6 टैक्सियों को उतार दिया है. ये पूरी तरह से बिना ड्राइवर चलने वाली टैक्सियां हैं जिन्हें चीन की टेक कंपनी Baidu की Apollo Go प्लेटफॉर्म ने बनाया है. दुबई की रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने Baidu Apollo Go को अमीरात में ड्राइवरलेस टैक्सी चलाने का पहला ऑफिशियल परमिट दिया है. इन टैक्सी का शुभारंभ दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने किया. क्योंकि वे दुबई के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर, रक्षा मंत्री और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन भी हैं. लॉन्च के दौरान शेख हमदान खुद एक ड्राइवरलेस RT6 टैक्सी में बैठकर मदिनत जुमैरा में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट तक पहुंचे.

इस डेमो राइड के दौरान यह साफ दिखाया गया कि ड्राइवरलेस टैक्सी भीड़भाड़ वाली सड़कों, ट्रैफिक सिग्नल और अन्य वाहनों के बीच आसानी से चल सकती है. दुबई प्रशासन के अनुसार, इस ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा को 2026 की पहली तिमाही में आम जनता के लिए शुरू किया जाएगा. यह दुबई के भविष्य की मोबिलिटी योजनाओं का अहम हिस्सा है, जिसमें स्मार्ट और AI बेस्ड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है.

क्या है ये RT6 टैक्सी?
RT6 टैक्सी का सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस सेंसर और ऑटोमेटेड डिसीजन-मेकिंग टेक्नोलॉजी पर काम करता है. RT6 छठी पीढ़ी की ऑटोनॉमस टैक्सी है, जिसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है. इस कैब में 40 से ज्यादा हाई-टेक सेंसर लगे हैं, जिनमें हाई-प्रिसिजन LiDAR, एडवांस कैमरे और मल्टी-बैंड रडार शामिल हैं. ये सेंसर टैक्सी को आस-पास के माहौल को समझने में मदद करते हैं, जैसे अचानक बदलता ट्रैफिक, पैदल चलने वाले लोग या सड़क पर आने वाली रुकावटें. RT6 टैक्सी का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और बिना झटकों वाली यात्रा का अनुभव देना है.

RT6 टैक्सी का सॉफ्टवेयर रियल-टाइम डेटा, हाई-डेफिनिशन मैप्स और डीप-लर्निंग एल्गोरिदम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह पालन करता है और शहरी इलाकों में भी सुरक्षित तरीके से नेविगेट करता है. दुनियाभर में Baidu Apollo Go की ड्राइवरलेस गाड़ियां अब तक 150 मिलियन किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुकी हैं और 10 मिलियन से अधिक ऑटोनॉमस ट्रिप पूरी कर चुकी हैं.

Baidu Apollo Go ने दुबई साइंस पार्क में अपना पहला इंटरनेशनल ऑपरेशंस और कंट्रोल सेंटर भी शुरू किया है. लगभग 2000 वर्ग मीटर में फैला यह सेंटर ड्राइवरलेस टैक्सियों की निगरानी, सॉफ्टवेयर अपडेट, सेफ्टी टेस्टिंग और मेंटेनेंस का काम करेगा. यहां से पूरे ऑटोनॉमस फ्लीट की परफॉर्मेंस पर नजर रखी जाएगी. आने वाले सालों में दुबई 1000 से ज्यादा ड्राइवरलेस टैक्सियों को सड़कों पर उतारने की योजना बना रहा है, जिससे शहर को AI-ड्रिवन ट्रांसपोर्ट का ग्लोबल हब बनाया जा सके.
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