Aaj Ka Panchang 26 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है. यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
द्वादशी तिथि और भगवान विष्णु-लक्ष्मी पूजा का महत्व
26 जुलाई 2026 (रविवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 1:58 बजे तक रहेगी. इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी. इस दिन भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना तथा देवशयनी एकादशी व्रत का पारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
सूर्योदय, चंद्रोदय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
इस दिन सुबह 5:58 बजे सूर्योदय और शाम 7:07 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, शाम 4:57 बजे चन्द्रोदय और रात 3:34 बजे चन्द्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में स्थित रहेगा. जबकि चंद्रमा सुबह 7:35 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेगा. इसके बाद मूल नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
इंद्र योग
रविवार को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन इंद्र योग रहेगा.
अभिजीत मुहूर्त
रविवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
राहुकाल और अशुभ समय
वहीं, राहुकाल शाम 5:29 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा. गुलिक काल दोपहर 3:51 बजे से शाम 5:33 बजे तक रहेगा. यमगंड काल दोपहर 12:33 बजे से 2:12 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ समय माना जाता है.
ग्रहों की स्थिति
रविवार को सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा.
दिशाशूल
रविवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
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