Aaj Ka Panchang 15 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है. यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है.
प्रतिपदा तिथि और गुप्त नवरात्र का महत्व
15 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 11:51 बजे तक है. इसके बाद द्वितीया लग जाएगी. बुधवार को आषाढ़ गुप्त नवरात्र का पहला दिन (प्रतिपदा) है. यह दिन विशेष रूप से गुप्त सिद्धियां, मंत्र साधना और मां दुर्गा व दस महाविद्याओं की पूजा के लिए समर्पित है. यह दिन पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
सूर्योदय, चंद्रोदय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
इस दिन सुबह 5:54 बजे सूर्योदय और शाम 7:11 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 6:32 बजे चन्द्रोदय और रात 8:19 बजे चन्द्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में अगले दिन 12:09 बजे संचार करेगा.
हर्षण योग और वज्र योग
वहीं, 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को हर्षण योग सुबह 8:03 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद वज्र योग शुरू हो जाएगा.
अभिजीत मुहूर्त
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से लेकर 12:55 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
राहुकाल और अशुभ समय
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 10:44 से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा. यमगंड काल सुबह 7:17 से 9:01 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है.
ग्रहों की स्थिति
वहीं, 15 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में संचार करेगा.
दिशाशूल
15 जुलाई 2026 (बुधवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं