अहमदाबाद में भगवा डस्टबीन वितरित किए जा रहे हैं.
- विधायक फंड से तीन लाख रुपये खर्च करके 1000 डस्टबीन बांटे
- विधायक भूषण भट्ट ने कहा, स्वच्छता के लिए सब कुछ कर रहे हैं
- कांग्रेस का आरोप, यह पूरी तरह संस्थानों के भगवाकरण का एजेंडा
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अहमदाबाद:
अहमदाबाद के जमालपुर खाडिया क्षेत्र के भाजपा विधायक भूषण भट्ट आजकल अपने क्षेत्र में कचरे के भगवा रंग के डिब्बे बांट रहे हैं. आम तौर पर यह डिब्बे नीले या हरे रंग के होते हैं. भूषण भट्ट कहते हैं कि वे स्वच्छता के लिए सब कुछ कर रहे हैं. उन्हें भगवा रंग ज्यादा आकर्षक लगता है. वे कहते हैं कि लोग आपके काम को देखते हैं और मुझे लगता है कि भगवा रंग आंखों को अच्छा लगता है.
भट्ट ने अपने विधायक फंड से तीन लाख रुपये खर्च करके अब तक 1000 डस्टबीन बांटे हैं. वे कह रहे हैं कि यह सिर्फ स्वच्छता मिशन के लिए हो रहा है. लेकिन विरोधी पक्ष कांग्रेस इसे राजनीति से प्रेरित मानता है, क्योंकि यह चुनावी साल है. कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी तरह संस्थानों के भगवाकरण के एजेंडे के तहत हो रहा है. कचरे के डिब्बों को भी भगवा रंग में रंगना भाजपा की ओछी मानसिकता दिखा रहा है. 
भाजपा 1975 से इस सीट से चुनाव जीतती रही है. यह सीट जमालपुर खाडिया पहले की दो विधानसभा सीटें खाडिया और जमालपुर को मिलाकर बनाई गई है. खाडिया हमेशा से भाजपा का और जमालपुर हमेशा से कांग्रेस का गढ़ रहा है. इस इलाके में बड़ी संख्या में लघुमति समुदाय के वोटर हैं.
लोग कह रहे हैं कि अगर एजेंडा सिर्फ सफाई है तो ठीक है, लेकिन लोगों को खुलकर विरोध करना मुश्किल लग रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव से पहले बस स्टॉप भगवा रंग में रंगे गए थे, फिर बच्चों को स्कूल किट्स और अब डस्टबीन भी भगवा रंग में रंगने से विवाद बढ़ रहा है.
भट्ट ने अपने विधायक फंड से तीन लाख रुपये खर्च करके अब तक 1000 डस्टबीन बांटे हैं. वे कह रहे हैं कि यह सिर्फ स्वच्छता मिशन के लिए हो रहा है. लेकिन विरोधी पक्ष कांग्रेस इसे राजनीति से प्रेरित मानता है, क्योंकि यह चुनावी साल है. कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी तरह संस्थानों के भगवाकरण के एजेंडे के तहत हो रहा है. कचरे के डिब्बों को भी भगवा रंग में रंगना भाजपा की ओछी मानसिकता दिखा रहा है.

भाजपा 1975 से इस सीट से चुनाव जीतती रही है. यह सीट जमालपुर खाडिया पहले की दो विधानसभा सीटें खाडिया और जमालपुर को मिलाकर बनाई गई है. खाडिया हमेशा से भाजपा का और जमालपुर हमेशा से कांग्रेस का गढ़ रहा है. इस इलाके में बड़ी संख्या में लघुमति समुदाय के वोटर हैं.
लोग कह रहे हैं कि अगर एजेंडा सिर्फ सफाई है तो ठीक है, लेकिन लोगों को खुलकर विरोध करना मुश्किल लग रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव से पहले बस स्टॉप भगवा रंग में रंगे गए थे, फिर बच्चों को स्कूल किट्स और अब डस्टबीन भी भगवा रंग में रंगने से विवाद बढ़ रहा है.
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