- ओवन में ढ़ोकला, इडली और सब्जियों को उबालने का काम किया जाता है.
- ओवन को अक्सर भोजन गर्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
- माइक्रोवेव में खाना पकाने से पोषक तत्वों पर भी असर पड़ता है.
Expert Reveals: क्या माइक्रोवेव में खाना गर्म करना खतरनाक है या सिर्फ एक मिथक? दशकों तक माइक्रोवेव के उपयोग के बाद भी यह विषय ट्रेंड में है. माइक्रोवेव उपकरण आज लगभग हर घर में मौजूद हैं. और खाना पकाने, हीटिंग, बेकिंग आदि के लिए उपयोग किया जा रहा है. यह एक स्थिति प्रतीक के बजाय एक आवश्यकता बन गई है, खासकर उन घरों में जहां दोनों पार्टनर काम कर रहे हैं. माइक्रोवेव एक इलेक्ट्रिक ओवन है. जो माइक्रोवेव फ्रीक्वेंसी रेंज में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन को उजागर करके भोजन को गर्म और पकाने का काम करता है. पेशेवर आमतौर पर खाना पकाने के लिए स्टोवटॉप या पारंपरिक ओवन पसंद करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि व्यंजनों को अन्य खाना पकाने के तरीकों से सही स्वाद नहीं मिलता है. भारतीय घरों में, माइक्रोवेव ओवन अक्सर भोजन को गर्म करना, पानी उबालना या यहाँ तक कि ओवन में ढ़ोकला, इडली और सब्जियों को उबालने का काम किया जाता है. हमारे पारंपरिक खाना पकाने की विधि और माइक्रोवेव वास्तव में दोनों एक साथ प्रयोग नहीं हो सकते.
माइक्रोवेव में खाना पकाने को लेकर काफी बहस होती है उसके स्वाद को लेकर इसके रेडिएशन के खाने में जाने को लेकर, कि क्या यह खाने के सारे पोषक तत्वों को खत्म कर देता है. प्लास्टिक के कंटेनरों में खाने को पकाने से, हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं.
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पोषक तत्वों की हानिः
यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है. कि हम अपने भोजन से अधिकतम पोषण प्राप्त करें, ताजा और स्थानीय रूप से उगाए गए फूड्स खरीदें. धोने की गलत तकनीकों को अपनाकर पोषक तत्वों को खोया जा सकता है, इसलिए यदि आप काटने के बाद अपनी सब्जियों को धोते हैं, तो आप पानी में घुलनशील विटामिन खो देंगे. लंबे समय तक या उच्च तापमान पर खाना पकाने से भी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. भुना हुआ मांस (पारंपरिक रूप से) खतरनाक नाइट्रोसैमाइंस के उत्पादन की ओर जाता है- भूरा-जला हुआ भाग जो कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ता है.
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माइक्रोवेव में खाना पकाने से पोषक तत्वों पर भी असर पड़ता है. माइक्रोवेव कुकिंग में गर्मी के कारण विटामिन बी 12 खत्म खो जाता है. और एमवीओ में तापमान बहुत अधिक हो सकता है. माइक्रोवेव खाना पकाने एकमात्र प्लस पॉइंट यह है कि में इसमें थोड़ा कम समय की आवश्यकता होती है जिसके कारण कुछ पोषक तत्वों को बचाया जा सकता है.
एक अन्य पानी में घुलनशील विटामिन जब हरी पत्तेदार सब्जियों को पानी में उबाला जाता है. तो फोलेट-खो जाता है. लेकिन एमवीओ में खाना पकाने से इस नुकसान को 77% तक रोक सकते हैं. भारतीय घरों में, नुकसान ज्यादातर होता है. क्योंकि धोने से पहले सभी सागों को काट दिया जाता है, लेकिन खाना पकाने में ज्यादातर बिना तले या बिना भाप के पकती है. जबकि एमवीओ (माइक्रोवेव) में पकाए गए मीट में नाइट्रोसामाइन का स्तर बहुत कम होता है. क्योंकि वे आमतौर पर माइक्रोवेव में भूरे नहीं होते हैं.
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माइक्रवेव को सब्जियों को बॉयल करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.प्लास्टिक जहरः
प्लास्टिक में थैलेट्स नामक एक रसायन होता है, जो माइक्रोवेव में प्लास्टिक के कंटेनर गर्म होने पर भोजन में चला जाता है. यह प्लास्टिक को अधिक लचीला बनाने के लिए मिलाया जाता है, और आमतौर पर टेकअवे कंटेनर, प्लास्टिक की बोतलों और प्लास्टिक रैपिंग शीट में भी पाया जाता है. ये हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते हैं. अध्ययनों से पता चला है, कि ये यौगिक हमारे हार्मोन और चयापचय प्रणाली को बाधित कर सकते हैं जिससे सीएचडी, इंसुलिन प्रतिरोध, बांझपन और अन्य लोगों में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि, वैज्ञानिक वास्तव में इसको परिभाषित करने में सक्षम नहीं हैं यह जहरीला हो जाता है, इस संदर्भ में आमतौर पर सुना जाने वाला एक और रसायन बिस्फेनॉल (BPA) है, जिसके शरीर में समान रिएक्शन पाए जाते हैं.
भोजन को गर्म करते समय, इसे सुरक्षित रहने के लिए एक सिरेमिक कटोरे या प्लेट, या एक ग्लास कंटेनर में परिवर्तन करना उचित है. यदि आप प्लास्टिक का उपयोग करते हैं, तो वह चुनें जिसमें साफतौर पर कहां गया हो कि ये माइक्रोवेव के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है.
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फूट सेफ्टीः
माइक्रोवेव ओवन में पकाए गए भोजन में तापमान असमान रूप से वितरित किया गया है. भोजन के कुछ हिस्सों को पकाया जा सकता है जबकि अन्य को अभी भी कच्चा या आधा पका के खाया जा सकता है. इस खाने को खाने से बैक्टीरिया के हमारे शरीर में प्रवेश करने का खतरा बढ़ जाता है. सही तरीके से, खाना पकाने के बाद भोजन को कुछ समय के लिए रख दें. ताकि पूरे खाने से गर्मी खत्म हो सके.
विकिरण एक्सपोजर:
माइक्रोवेव ओवन में पकाया गया कोई भी भोजन विकिरण सकारात्मक नहीं है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि एमवीओ में पकाया जाने वाला भोजन उपभोग करने के लिए सुरक्षित है. माइक्रोवेव ऊर्जा उस क्षण बंद हो जाती है जब ओवन बंद हो जाता है. इसके अलावा, एमवीओ के पास खड़े होने पर माइक्रोवेव के संपर्क में आने की संभावना असंभव है क्योंकि डिजाइन कोई रिसाव सुनिश्चित नहीं करता है.
माइक्रोवेव ओवन एक सुविधा है. और इसे आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए. व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है, कि एमवीओ में खाना बनाना एक स्टोव या सामान्य ओवन की तरह स्वादिष्ट नहीं है. भारतीय भोजन, जिसे स्वाद को अलग करने के लिए थोड़ा और समय चाहिए - एमवीओ के साथ अच्छा काम नहीं करता है. कुल मिलाकर यह माइक्रोवेव ओवन का उपयोग करने के लिए सुरक्षित है, बस सही खाना पकाने के बर्तन का चयन करें.
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