आईने में मांग सीधी करते वक्त अगर दो-चार सफेद बाल झांकते दिख जाएं, तो पूरा मूड खराब हो जाता है. पहले एक जमाना था जब बाल पकने का मतलब तजुर्बा और ढलती उम्र माना जाता था. पर आजकल तो स्कूल-कॉलेज जाने वाले लड़कों और 25-30 साल की लड़कियों के सिर पर भी चांदी चमकने लगी है.
सफेद लट देखते ही ज्यादातर लोग हड़बड़ा जाते हैं और सीधे मेडिकल स्टोर जाकर काली डाई या इंस्टेंट कलर का पैकेट उठा लाते हैं. नतीजा यह होता है कि कुछ दिन तो बाल काले दिखते हैं, पर उस केमिकल की मार से अगल-बगल के साबुत काले बाल भी एक-एक करके सफेद होने लगते हैं. अगर आपके साथ भी यही किस्सा शुरू हो चुका है, तो बाजारू रंगों से तौबा कीजिए और अपनी रसोई के पुराने नुस्खों पर भरोसा जमाइए.
कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो जाते हैं?
सफदरजंग अस्पताल के यूनानी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. सैयद अहमद खान से जब हमने पूछा कि आज की पीढ़ी के बाल इतनी जल्दी क्यों पक रहे हैं, तो उन्होंने बहुत सीधी और पते की बात कही.
डॉ. सैयद अहमद खान का कहना है, "लोग समझते हैं कि बाल सिर्फ खारे पानी या शैम्पू की वजह से सफेद हो रहे हैं. जबकि असल खेल पेट और खून की गर्मी का है. जब पेट में पुरानी कब्ज बैठ जाती है, शरीर में पित्त उबलने लगता है या रात-रात भर जागकर स्क्रीन देखने से दिमाग की नसें तनी रहती हैं, तो बालों की जड़ों तक खून का दौरा सुस्त पड़ जाता है. इससे जड़ों के भीतर मेलेनिन बनना बंद हो जाता है, जो बालों को उनका कुदरती काला रंग देता है. जब तक जड़ को खुराक नहीं मिलेगी, बाहर से रंग पोतने का कोई फायदा नहीं होगा."
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सफेद बालों को काला करने के 3 आजमूदा देसी नुस्खे
डॉ. खान बताते हैं कि अगर शुरुआती दिनों में ही ध्यान दे दिया जाए, तो पुराने नुस्खों से नए सफेद बाल उगना पूरी तरह रुक जाते हैं.
लोहे की कड़ाही में सूखे आंवले का पानी: घर में लोहे का कोई बर्तन या कड़ाही ले लें. उसमें दो बड़े चम्मच सूखा आंवला पाउडर और एक चम्मच भृंगराज रातभर सादे पानी में भिगोकर छोड़ दें. सुबह तक यह पानी बिल्कुल गाढ़ा और काला हो जाएगा. इसे छानकर उंगलियों के पोरों से सिर की जड़ों में लगाएं और एक घंटे बाद सादे नल के पानी से धो लें.
डॉ. सैयद अहमद खान का कहना है, "लोहे के संपर्क में आते ही आंवले का कसैलापन और टैनिन कई गुना ताकतवर हो जाता है. यह लेप जड़ों में सोए हुए मेलेनिन को दोबारा जगाने का काम करता है. हफ्ते में सिर्फ एक बार इसे लगाने से बालों की रंगत खुद-ब-खुद बदलने लगती है."
करी पत्ता और नारियल के तेल की मालिश: एक कटोरी शुद्ध नारियल तेल में मुट्ठी भर ताजा करी पत्ता डालकर गैस पर धीमी आंच पर चढ़ा दें. जब पत्ते जलकर काले हो जाएं, तो गैस बंद कर दें और तेल को छानकर रख लें. हफ्ते में दो बार रात को सोने से पहले इस गुनगुने तेल से सिर की चमड़ी की मालिश करें. करी पत्ते का पोषण सफेद होते बालों की रफ्तार पर लगाम लगा देता है.
कलौंजी और मेथी का उबला पानी: दो चम्मच कलौंजी और एक चम्मच मेथी दाना आधा लीटर पानी में खौलाएं. जब पानी आधा रह जाए, तो ठंडा करके बाल धोते वक्त आखिरी मग इसी पानी का सिर पर डालें. यह जड़ों का मैल काटकर रोमछिद्रों को साफ करता है.
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सफेद बालों को काला बनाने के लिए क्या खाना चाहिए?
डॉ. खान जोर देकर कहते हैं कि सिर पर लेप लगाने के साथ-साथ अगर पेट का मिजाज नहीं सुधारा, तो कोई नुस्खा काम नहीं करेगा.
रोज एक आंवला पेट में जाना चाहिए: चाहे आंवले का मुरब्बा धोकर खाएं, सूखा चूर्ण गुनगुने पानी से लें या कच्चा आंवला चबाएं. आंवला खून की तेजाबियत को खत्म करता है.
चाय-कॉफी और समोसे-पकौड़ों पर रोक: बहुत ज्यादा खट्टा, तीखा और तला-भुना खाना खून में पित्त भड़काता है. रात को हल्का खाना खाएं ताकि सुबह पेट खुलकर साफ हो.
नींद पूरी करना सबसे बड़ी दवा: कम से कम 7 से 8 घंटे की चैन की नींद जरूर लें. जब दिमाग शांत रहेगा, तभी सिर की नसों को आराम मिलेगा.
डॉ. सैयद अहमद खान का कहना है, "सफेद बालों का देसी इलाज रातोंरात जादू नहीं करता. इसमें थोड़ा सब्र रखना पड़ता है. नियम से आंवला और यह तेल अपनाएंगे, तो महीने-दो महीने में बाल अपनी पुरानी पकड़ और चमक वापस पाने लगेंगे."
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