आज के समय में जहां ज्यादातर लोग अच्छी सैलरी और सुरक्षित नौकरी को प्राथमिकता देते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सुकून और आज़ादी को पैसे से ज्यादा अहम मानते हैं. हाल ही में एक स्पेन की महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर की है, जिसमें उसने बताया कि क्यों वह कभी भी कॉर्पोरेट नौकरी में वापस नहीं जाना चाहती, चाहे उसे दोगुनी सैलरी ही क्यों न मिले.
स्पेन की रहने वाली रोची (Rochi), जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और एक लाइफ कोच भी हैं, उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने अपनी अच्छी-खासी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी क्यों छोड़ दी. उन्होंने साफ कहा, कि पैसा उनकी प्राथमिकता नहीं है और अब कोई भी रकम उन्हें वापस उस दुनिया में नहीं खींच सकती.
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रोची ने अपने फैसले के पीछे पांच बड़ी वजहें वताईं-
1. सुबह की असली कीमत समझ आई
रोची के अनुसार, कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद उनकी सुबहें पूरी तरह बदल गईं. पहले जहां हर दिन तनाव और भागदौड़ से शुरू होता था, अब वह शांति और अपने नियंत्रण में होती है. उनके लिए यह सुकून किसी भी सैलरी से ज्यादा कीमती है.
2. पैसे के लिए 'एक्टिंग' नहीं
उन्होंने कहा, कि नौकरी के दौरान उन्हें हमेशा एक ऐसा रूप दिखाना पड़ता था जो असल में वह नहीं थीं. अब वह किसी भी कीमत पर अपनी असली पहचान से समझौता नहीं करना चाहतीं.
3. असफलताओं का असली मतलब
रोची का मानना है कि अब जो भी असफलता मिलती है, वह उनके खुद के प्रयासों का हिस्सा होती है और उनसे सीख मिलती है. जबकि कॉर्पोरेट में असफलता सिर्फ तनाव और बर्नआउट की ओर ले जाती थी.
देखें Video:
4. टॉक्सिक लोगों से दूरी
उन्होंने कहा, कि अब उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने की मजबूरी नहीं है जो उनकी ऊर्जा को खत्म करता हो. वह अपने आसपास के लोगों को खुद चुनती हैं.
5. आज़ादी की कीमत
रोची ने माना कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे अपनी आज़ादी की कीमत बताया। उनका कहना है कि इतनी कुर्बानी देने के बाद वापस कॉर्पोरेट में जाना खुद के साथ अन्याय होगा.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. इसे लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक किया है. लोगों ने कमेंट में अपनी भावनाएं भी शेयर कीं हैं. एक यूजर ने लिखा, आज मुझे यही सुनने की जरूरत थी. दूसरे ने कहा, अपने दिल की सुनो और अपने सपनों को सच करो. वहीं एक और यूजर ने लिखा, जब समझ आता है कि सुकून पैसे से ज्यादा जरूरी है, तब जिंदगी बदल जाती है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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