Unique New Year Calendars: जब बात नए साल की आती है, तो ज्यादातर लोग सोचते हैं 1 जनवरी ही हर जगह नया साल होता है. मगर सच कहें तो दुनिया में कई देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और हिस्ट्री के साथ अलग-अलग कैलेंडर मानते हैं. इथियोपिया से लेकर नेपाल, ईरान और अफगानिस्तान तक, नए साल की तारीखें और जश्न के अंदाज बताते हैं कि वक्त की गिनती भी एक खूबसूरत तफावत रखती है.
सबका नया साल क्यों नहीं है 1 जनवरी? (Why Isn't New Year Everywhere on January 1?)
दुनिया का सबसे लोकप्रिय कैलेंडर ग्रेगोरियन है, जिसे ज्यादातर देश अपनाते हैं, लेकिन इथियोपिया का कैलेंडर 7-8 साल पीछे है और उसमें 13 महीने होते हैं. वहां नया साल 'एनकुतातश' सितम्बर के 11 या 12 तारीख को मनाया जाता है, जिसमें चर्च की दुआएं, संगीत और पारिवारिक जश्न शामिल होते हैं.

नेपाल का बिक्रम संवत (Nepal's Bikram Sambat Calendar)
नेपाल में 57 साल आगे बढ़ा बिक्रम संवत कैलेंडर चलता है. नेपाली नया साल अप्रैल के बीच आता है, जब काठमांडू और भक्तपुर की गलियां रंग-बिरंगे झंडों, परेड और रस्मों से सज जाती हैं.

ईरान और अफगानिस्तान का नववर्ष - नौरोज (Nowruz: New Year in Iran & Afghanistan)
ईरान और अफगानिस्तान दोनों ही सोलर हिजरी कैलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, जो सूरज की चाल के अनुसार चलता है. यहां नया साल वसंत विषुव के दिन (20 या 21 मार्च) आता है और घरों की सफाई, प्रतीकात्मक मेज सजाना और नयी शुरुआत का जश्न मनाया जाता है.

सोलर हिजरी कैलेंडर की खासियत (Specialty of the Solar Hijri Calendar)
यह कैलेंडर 12 महीनों का होता है और सूरज की चाल के सबसे करीब चलता है. इसकी लीप ईयर व्यवस्था इसे दुनिया के सबसे सटीक कैलेंडर में से एक बनाती है.

अन्य अलग कैलेंडर सिस्टम (Other Unique Calendar Systems)
नॉर्थ कोरिया में ज्यूचे कैलेंडर होता है, जो किम इल-सुंग के जन्म वर्ष 1912 से शुरू होता है. सऊदी अरब में सरकारी कामों के लिए ग्रेगोरियन अपनाया गया, मगर धार्मिक त्योहारों के लिए हिजरी कैलेंडर इस्तेमाल होता है.

समय सिर्फ संख्या नहीं, एक संस्कृति है (Ethiopia New Year Enkutatash)
ये कैलेंडर सिर्फ तारीख नहीं बताते, बल्कि उस इलाके की संस्कृति, रिवाज और इतिहास की गहराई को भी दर्शाते हैं. जैसे खेती, त्योहार और सामाजिक योजनाएं इन पर निर्भर करती हैं, इसलिए दुनिया में समय को मापने के कई रास्ते हैं, न कि केवल एक. नई शुरुआत हर जगह अलग दिन होती है और यह विविधता ही हमारी दुनिया को रंगीन और रोचक बनाती है. ये कैलेंडर हमें बताते हैं कि समय के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत भी कितनी अनमोल है.
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