Viral News: AI के आ जाने से काम के तरीके बदल गए हैं. लोग धड़ल्ले से अपने-अपने काम में AI की मदद ले रहे हैं. AI के चलते कुछ काम आसान भी हो गए हैं. पर एक अमेरिका की एक महिला ने जब अपने काम में AI की मदद ली, तो उसको AI की मदद लेना भारी पड़ गया. महिला ने अपने काम की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI से हेल्प करने के लिए कहा था. पर उसकी प्रोडक्टिविटी तो नहीं बढ़ी, पर उसके टू-डू लिस्ट बढ़कर 156 तक पहुंच गई. अब महिला ने चेतावनी दी कि AI टूल लोगों की मदद करने के बजाय कभी-कभी और ज़्यादा काम पैदा कर सकते हैं.
फोर्ब्स की 30 अंडर 30 मीडिया लिस्ट में मिली जगह
AI का नाम डॉ. मोरिसा श्वार्ट्ज़ है और वो उद्यमी, लेखिका और AI रणनीतिकार है. जेनजेड पब्लिशिंग और संचार फर्म डॉ. रिस्सीज़ राइटिंग एंड मार्केटिंग की संस्थापक श्वार्ट्ज के पास साहित्य में डॉक्टरेट की डिग्री है. उन्हें 2022 में फोर्ब्स की 30 अंडर 30 मीडिया सूची में शामिल किया गया था.
AI से मदद मांगी पर बढ़ गया काम
Fortune पर लिखे एक लेख में श्वार्ट्ज ने कहा कि अगर आप किसी प्रोजेक्ट में मदद मांगते हैं, तो AI एक प्लान बना सकता है. अगर आप उस प्लान को बेहतर बनाने के लिए कहते हैं, तो वह एक चेकलिस्ट तैयार कर सकता है. अगर आप यह सुनिश्चित करने के लिए कहते हैं कि कुछ भी छूट न जाए, तो उस चेकलिस्ट में कई और टास्क जुड़ सकते हैं. उन्होंने यह बात उस संदर्भ में कही, जब उन्होंने अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI से मदद मांगी तो उनके डेली वर्क लिस्ट बढ़कर 156 कार्यों हो गई. इसके बाद वह अपने काम को संभालने के लिए AI असिस्टेंट के इस्तेमाल के तरीके पर पुनर्विचार करने पर मजबूर हो गईं.
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अब श्वार्ट्ज ने AI के इस्तेमाल का बदला तरीका
अब उनकी 'टू-डू लिस्ट' में लगभग 25 महत्वपूर्ण काम ही हों, ताकि असली डेडलाइन और ज़रूरी ज़िम्मेदारियों के लिए जगह बनी रहे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई यूनिवर्सल प्रोडक्टिविटी नियम नहीं है, बल्कि उनकी अपनी एक व्यक्तिगत सीमा है. उन्होंने कहा, "इसका मकसद यह है कि आपको चुनाव करना पड़े. अगर आज ही सब कुछ पूरा करना हो, तो फिर यह सूची मुझे यह तय करने में मदद नहीं कर सकती कि आज मुझे असल में क्या करना चाहिए.
उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित कामों को अलग-अलग जिम्मेदारियों के रूप में दिखाने के बजाय उन्हें एक ही प्रोजेक्ट के अंतर्गत रखा जाना चाहिए. सबसे जरूरी बात पूरे किए गए काम की पुष्टि की जाए. केवल AI असिस्टेंट के दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए कि काम पूरा हो गया. बाकायदा चेक कर चाहिए कि क्या आपका टास्क पूरा हुआ है या नहीं. नहीं तो आपको एक ही काम दोबारा करना पड़ सकता है.
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