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This Article is From Jul 10, 2018

थाईलैंड की गुफा में कोच ने खुद की जिंदगी दांव पर लगाकर ऐसे बचाई बच्‍चों की जान, फुटबॉल सिखाने से पहले था साधु

थाईलैंड अंडर-16 टीम के 12 खिलाड़ी और एक कोच को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. ऑपरेशन से पहले बच्चों के मसीहा उनके कोच इकापोल थे. जिन्होंने बच्चों को बचाने के लिए अपना खाना तक दे दिया.

थाईलैंड की गुफा में कोच ने खुद की जिंदगी दांव पर लगाकर ऐसे बचाई बच्‍चों की जान, फुटबॉल सिखाने से पहले था साधु
थाईलैंड अंडर-16 टीम के 12 खिलाड़ी और कोच को थाम लुआंग गुफा से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
Thailand, MAE SAI: थाईलैंड में दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चला. थाईलैंड अंडर-16 टीम के 12 खिलाड़ी और कोच को थाम लुआंग गुफा से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. दो हफ्ते से ज्यादा दिन फंसे रहने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया और बच्चों को बाहर निकाला गया. ऑपरेशन से पहले बच्चों के मसीहा उनके कोच इकापोल थे. जिन्होंने बच्चों को बचाने के लिए अपना खाना तक दे दिया.

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रेस्क्यू ऑफिशियल्स के मुताबिक, इकापोल पहले मॉन्क थे. तीन साल साधु रहने के बाद इकापोल फुटबॉल एसिस्टेंट कोच बने. बच्चों के बीच एक वही थे जिनको बच्चों को सही सलामत रखना था. ऐसे में उन्होंने अपना खाना बच्चों को दिया और उनको कार्टून ड्रॉइंग कर बताया कि ऐसी परिस्थिति में कैसे बैठना चाहिए. उन्होंने बच्चों को ऐसे बिठाया जैसे मेडिटेशन के वक्त वक्ति बैठता है. 

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straitstimes की खबर के मुताबिक, इकापोल ने गुफा में फंसे बच्चों के माता-पिता को चिट्ठी लिखकर माफी मांगी है. जिसके जवाब में गुफा में फंसे बच्चे पोर्नचाय खमलुआंग की मां ने कहा- ''इकापोल बच्चों के लिए भगवान बन गया. अगर वह उनके साथ गुफा में नहीं जाता तो पता नहीं क्या होता? जब वह बाहर आएगा तो मैं उसे बहुत धन्यवाद दूंगी. मेरे प्यारे इकापोल, मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है.''
 
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(थाईलैंड की गुफा में कोच पहले मॉन्क रह चुके हैं.)

बता दें, इकापोल जब 10 साल के था तो उनके माता-पिता की मौत हो गई थी. जिसके बाद उन्होंने मॉन्क बनने का फैसला लिया. लेकिन दादी की देखभाल करने के लिए उन्होंने मोनास्ट्री छोड़कर थाईलैंड के मे साई में शिफ्ट हो गए. वहां वो मोनास्ट्री में काम किया करते थे और मा पू नाम की फुटबॉल टीम को ट्रेनिंग दिया करते थे. इकापोल के एक दोस्त जॉय ने कहा- ''वो बच्चों को खुद से ज्यादा प्यार करता है. वो काफी समय तक मोनास्ट्री के बाहर कॉफी बेचा करता था. इकापोल ना शराब पीता है और न सिगरेट पीता है. वो बच्चों को शानदार तरीके से सिखाता है. तभी बच्चे उसे काफी प्यार करते हैं.''

देखें VIDEO: जानिए, थाईलैंड की गुफा से बच्चों को कैसे बाहर निकाला गया

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