आईटी सेक्टर में सैलरी नेगोशिएशन को लेकर एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. एक कंपनी के CEO ने उस समय नाराजगी जताई जब एक टेक कर्मचारी ने जॉइनिंग से सिर्फ दो दिन पहले अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर दी. यह मामला डेटिंग ऐप कंपनी Knot Dating से जुड़ा है. कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ जसवीर सिंह ने एक्स पर इस घटना के बारे में बताया है.
28 लाख का ऑफर स्वीकार करने के बाद बदली मांग
जसवीर सिंह के मुताबिक, उनकी कंपनी एक बैकएंड डेवलपर की भर्ती कर रही थी. उम्मीदवार की पहले की सैलरी करीब 21 लाख रुपये प्रति वर्ष (LPA) थी. कंपनी ने उसे 28 लाख रु सालाना पैकेज का ऑफर दिया, जो लगभग 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी थी. उम्मीदवार ने इस ऑफर को स्वीकार कर लिया और जॉइनिंग की पुष्टि भी कर दी. लेकिन, जॉइनिंग से दो दिन पहले उस उम्मीदवार ने ईमेल भेजकर बताया कि उसे कहीं और से 32 लाख रुपये का ऑफर मिला है और अब वह उनकी कंपनी से 36 लाख रुपये सैलरी चाहता है.
Interviewed a backend developer.
— Jasveer Singh (@jasveer10) March 11, 2026
Guy was at 21 LPA. We offered 28 LPA, roughly a 33 percent hike. He agreed and confirmed joining.
Yesterday he emailed saying he got a 32 LPA offer elsewhere and now wants 36 LPA from us.
Nonsense. Why agree in the first place.
If you are… pic.twitter.com/3X4DqhiJyr
CEO बोले - पहले ही क्यों मान गए थे?
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जसवीर सिंह ने कहा कि अगर उम्मीदवार को अभी भी बेहतर ऑफर की तलाश थी तो उसे पहले ही साफ बता देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि कंपनी ने उस उम्मीदवार के लिए बाकी इंटरव्यू रोक दिए थे और उसके नोटिस पीरियड खत्म होने तक इंतजार भी किया था. उनका कहना था कि सैलरी पर बातचीत करना गलत नहीं है, लेकिन यह फैसला ऑफर स्वीकार करने से पहले होना चाहिए.
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने कहा कि आईटी सेक्टर में यह आम बात है क्योंकि कई कर्मचारी नोटिस पीरियड के दौरान बेहतर ऑफर तलाशते रहते हैं. एक यूजर ने लिखा, कि 90 दिन का लंबा नोटिस पीरियड भी इस समस्या की बड़ी वजह है, क्योंकि इस दौरान उम्मीदवार बाजार में नए ऑफर तलाशते रहते हैं. वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि अगर किसी ने पहले ही ऑफर स्वीकार कर लिया है तो जॉइनिंग से ठीक पहले सैलरी बढ़ाने की मांग करना पेशेवर तरीके से सही नहीं माना जाता.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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