
स्थानीय मंदिर ने सारा और सुरेश की शादी करवाने से इंकार कर दिया था
चेन्नई:
बेल्जियम की रहने वाली युवती की एक भारतीय युवक से शादी एक के बाद एक परेशानियों में फंसती जा रही है। युवक का आरोप है कि यह पूरी तरह से जातिगत भेदभाव का मामला है। वह अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं और उन्होंने एक 'गोरी विदेशी लड़की' से शादी की है।
मंदिर ने शादी करवाने से इंकार कर दिया था। सुरेश कुमार और बेल्जियम की युवती सारा रोजेमन की शादी को 9 महीने हो गए हैं। मामला कुछ इस कदर पेचीदा हो गया कि जिला अधिकारियों को बीच में आना पड़ा लेकिन ऐसा लगता है कि मामला सुलटाने के लिए युवती को भारत में सैटल होने से पहले बेल्जियम वापस जाना पड़ेगा।
सुरेश कुमार सारा से एक शिप पर मिले जहां वे दोनों काम करते थे। सारा और सुरेश दोनों कैटरिंग का काम करते थे। सारा का कहना है कि उसे न सिर्फ सुरेश से बल्कि भारत से भी प्यार हो चुका है। वह यहां रहना चाहती हैं और यहां बसने के लिए उन्होंने बेल्जियम में अपना होटल जिसका आशिंक मालिकाना हक उनके पास भी था, को बेच दिया था।
सुरेश ने कहा कि नमाक्कल जिले के स्थानीय मंदिर ने उनकी शादी करवाने से इंकार कर दिया था लेकिन अब दोनों ने एक छोटे से मंदिर में शादी कर ली है। हालांकि डॉक्युमेंट्स इकट्ठा करने के चक्कर में रजिस्ट्रेशन करने में दिक्कत आ रही है। तमिलनाडु के कोली हिल्स इलाके में रहने वाले सुरेश का कहना है- अब जब मैंने गोरी महिला से शादी की है.. वे तब भी दिक्कतें पैदा कर रहे हैं।
मंदिर अधिकारियों ने इस बारे में यह कहते हुए कुछ भी कहने से इंकार कर दिया कि वे मजबूर हैं। चूंकि सारा क्रिश्चियन हैं और विदेशी हैं, इस तरह की शादी को वैधता देने का कोई प्रावधान है ही नहीं।
सारा बोलीं, 'सुरेश बेहद मददगार थे... मैं उनके फोन का इंतजार किया करती.. और मुझे तब लगा कि मैं उनसे प्यार करती हूं।' वह यह भी बोलीं कि वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बेहद जुड़ाव महसूस करती हैं। बोलीं, 'जब तक मेरी शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक मुझे वीजा नहीं मिलेगा कि मैं भारत वापस आ सकूं और रह सकूं। मैं यहीं रहना चाहती हूं।'
मंदिर ने शादी करवाने से इंकार कर दिया था। सुरेश कुमार और बेल्जियम की युवती सारा रोजेमन की शादी को 9 महीने हो गए हैं। मामला कुछ इस कदर पेचीदा हो गया कि जिला अधिकारियों को बीच में आना पड़ा लेकिन ऐसा लगता है कि मामला सुलटाने के लिए युवती को भारत में सैटल होने से पहले बेल्जियम वापस जाना पड़ेगा।
सुरेश कुमार सारा से एक शिप पर मिले जहां वे दोनों काम करते थे। सारा और सुरेश दोनों कैटरिंग का काम करते थे। सारा का कहना है कि उसे न सिर्फ सुरेश से बल्कि भारत से भी प्यार हो चुका है। वह यहां रहना चाहती हैं और यहां बसने के लिए उन्होंने बेल्जियम में अपना होटल जिसका आशिंक मालिकाना हक उनके पास भी था, को बेच दिया था।
सुरेश ने कहा कि नमाक्कल जिले के स्थानीय मंदिर ने उनकी शादी करवाने से इंकार कर दिया था लेकिन अब दोनों ने एक छोटे से मंदिर में शादी कर ली है। हालांकि डॉक्युमेंट्स इकट्ठा करने के चक्कर में रजिस्ट्रेशन करने में दिक्कत आ रही है। तमिलनाडु के कोली हिल्स इलाके में रहने वाले सुरेश का कहना है- अब जब मैंने गोरी महिला से शादी की है.. वे तब भी दिक्कतें पैदा कर रहे हैं।
मंदिर अधिकारियों ने इस बारे में यह कहते हुए कुछ भी कहने से इंकार कर दिया कि वे मजबूर हैं। चूंकि सारा क्रिश्चियन हैं और विदेशी हैं, इस तरह की शादी को वैधता देने का कोई प्रावधान है ही नहीं।
सारा बोलीं, 'सुरेश बेहद मददगार थे... मैं उनके फोन का इंतजार किया करती.. और मुझे तब लगा कि मैं उनसे प्यार करती हूं।' वह यह भी बोलीं कि वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बेहद जुड़ाव महसूस करती हैं। बोलीं, 'जब तक मेरी शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तब तक मुझे वीजा नहीं मिलेगा कि मैं भारत वापस आ सकूं और रह सकूं। मैं यहीं रहना चाहती हूं।'
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