अमेरिका में रहने वाली एक NRI महिला का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने अमेरिका और भारत के सरकारी स्कूलों के बीच का अंतर बताया है, जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए हैं.
अमेरिका के सरकारी स्कूलों की खास बातें
वीडियो में सोनल चौधरी ने बताया, कि अमेरिका में करीब 90% बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं. उन्होंने कहा, कि यहां पढ़ाई के लिए किसी तरह की फीस नहीं देनी पड़ती. इसके अलावा किताबें भी स्कूल की तरफ से मिलती हैं, स्कूल यूनिफॉर्म जरूरी नहीं होती और स्कूल बस भी फ्री होती है.
सोनल के मुताबिक, अमेरिका के सरकारी स्कूलों में हर वह सुविधा मौजूद होती है जो एक अच्छे स्कूल में होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि हर क्लास में लगभग 20 छात्र होते हैं, जिससे टीचर हर बच्चे पर ध्यान दे पाते हैं, खासकर उन बच्चों पर जिन्हें ज्यादा मदद की जरूरत होती है.
‘अच्छी शिक्षा सिर्फ अमीरों तक सीमित नहीं'
सोनल चौधरी ने कहा, कि अमेरिका में अच्छी शिक्षा सिर्फ अमीर परिवारों तक सीमित नहीं है. यहां हर बच्चे को बराबर अवसर मिलता है, जिससे वह अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा, कि अगर सिस्टम में भ्रष्टाचार न हो, तो चीजें काफी बेहतर हो सकती हैं.
सोनल ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत है ऐसे सिस्टम की जो बच्चों को बराबर मौके दे सके. उनके मुताबिक, अगर सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और सही प्रबंधन हो, तो देश के लाखों बच्चे अपनी पूरी क्षमता दिखा सकते हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह वीडियो 1.4 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर सैकड़ों कमेंट्स आए हैं. कुछ लोगों ने इस सिस्टम की तारीफ की, तो कुछ ने भारत और अमेरिका की आबादी के फर्क को इसकी वजह बताया. एक यूजर ने लिखा, हर बच्चे को बराबर मौका मिलना चाहिए. वहीं दूसरे ने कहा, अमेरिका की आबादी कम है, इसलिए वहां यह सिस्टम आसानी से लागू हो पाता है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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