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थप्पड़ मारना पड़ा महंगा! यूनिवर्सिटी ने छात्रा को दिखाया बाहर का रास्ता, वीडियो देख खौला लोगों का 'खून'

ग्रेटर नोएडा की एक यूनिवर्सिटी से ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि, 'आजकल के बच्चों को हो क्या गया है?' एक छात्रा को बेरहमी से पीटने और रैगिंग करने वाली लड़की को यूनिवर्सिटी ने रस्टिकेट कर दिया है, लेकिन उसके चेहरे पर पछतावे की एक लकीर तक नहीं है. देखें वीडियो.

थप्पड़ मारना पड़ा महंगा! यूनिवर्सिटी ने छात्रा को दिखाया बाहर का रास्ता, वीडियो देख खौला लोगों का 'खून'
रैगिंग करने वाली छात्रा रस्टिकेट, छात्रा का नया वीडियो वायरल
@_Attitude_Vini

Greater Noida University Ragging Video: किस्सा शुरू होता है एक वायरल वीडियो से...जिसमें एक छात्रा अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक दूसरी लड़की को थप्पड़ मारती और उसे जलील करती दिख रही थी. पीड़ित लड़की हाथ जोड़ती रही...पर इन छात्राओं का दिल नहीं पसीजा. जब मामला सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डंडा चलाया और प्रताड़ित करने वाली लड़की को कॉलेज से सीधे घर का रास्ता यानी 'रस्टिकेट' कर दिया. साथ ही उसकी पूरी टोली पर मोटा जुर्माना भी ठोका गया है.

रस्टिकेट होने के बाद भी 'स्वैग' चालू है (Bennett University Ragging Case)

हैरानी की बात तो ये है कि, कॉलेज से निकाले जाने के बाद भी लड़की के तेवर ठंडे नहीं हुए हैं. हॉस्टल छोड़ते वक्त का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वो हाथ जोड़कर 'ड्रामेबाजी' कर रही है और चेहरे पर एक अजीब सी हंसी है. इसे देखकर लोग पूछ रहे हैं कि क्या घर जाकर अपने पिता से भी ऐसी ही 'बदतमीजी' की कहानी सुनाएगीं? इस सोच को 'कूल' समझने की गलती आजकल के युवा कर रहे हैं.

इस घटना ने एक बार फिर कॉलेज कैंपस में सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रैगिंग कोई खेल नहीं बल्कि एक अपराध है, जो किसी की मानसिक हालत बिगाड़ सकता है. प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि, रसूख और टशन कॉलेज के गेट के बाहर ही अच्छे लगते हैं, लेकिन यह एक सीख है.

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सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को @_Attitude_Vini नाम के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से शेयर किया गया है. वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'रैगिंग 'Swagger' नहीं, मानसिक बीमारी है. ​बेनेट यूनिवर्सिटी ने सिद्धि नाम की छात्रा को रैगिंग के लिए रस्टिकेट करके एक कड़ा संदेश दिया है. पर सवाल सजा का नहीं, उस 'घमंड' का है जो सजा के बाद भी उसके चेहरे पर दिख रहा है. ​रैगिंग मस्ती नहीं, टॉर्चर है...किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना आपको 'कूल' नहीं बनाता. ​अहंकार बनाम संस्कार: रस्टिकेट होने के बाद भी पछतावा न होना एक खतरनाक 'मानसिकता' को दर्शाता है. पेरेंट्स की जिम्मेदारी: क्या हम अपने बच्चों को केवल डिग्री दिला रहे हैं या उन्हें एक अच्छा इंसान भी बना रहे हैं? ​न्याय तो हुआ, लेकिन क्या सोच बदलेगी? ​सबक साफ है...कॉलेज कैंपस पढ़ाई के लिए है, 'गुंडागर्दी' के लिए नहीं. ऐसे 'Bullies' को एक्सपोज करना और रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है.' इस पोस्ट पर अब तक कई लोग लाइक कमेंट्स कर चुके हैं.

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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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