73 Year Old Woman Kedarnath Trek: भक्ति की शक्ति क्या होती है, ये जानना है तो महाराष्ट्र की इन 'दादी अम्मा' से मिलिए. उम्र के जिस पड़ाव पर लोग घर की सीढ़ियां चढ़ने में भी दस बार सोचते हैं, वहां इस 73 साल की जांबाज महिला ने 11,500 फीट की ऊंचाई पर बसे बाबा केदार के दर पर दस्तक दे दी, वो भी किसी पालकी या हेलिकॉप्टर के वीआईपी ठाट-बाट से नहीं, बल्कि अपने नन्हे-नन्हे कदमों के दम पर. सोशल मीडिया पर दादी के इस 'स्वैग' और अटूट विश्वास के चर्चे चारों तरफ हो रहे हैं.
घोड़े-खच्चर को किया बाय-बाय (Inspiring Story of Kedarnath Devotee)
केदारनाथ का रास्ता कोई बच्चों का खेल नहीं है. पतली सड़कें, कम होती ऑक्सीजन और हाड़ कपा देने वाली ठंड अच्छे-अच्छों का पसीना छुड़ा देती है. लेकिन हमारी इन 'आजी' का इरादा लोहे जैसा मजबूत निकला. जब रास्ते में लोगों ने उनसे पूछा कि, 'माजी, घोड़ा कर लो', तो उन्होंने मुस्कुराकर मना कर दिया. उनके लिए तो महादेव की याद ही सबसे बड़ी लाठी बन गई थी.
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'आ'जी के अंदर गजब का करंट था. पूरी चढ़ाई के दौरान वो 'जय शिवाजी, जय भवानी' और 'हर हर महादेव' के नारे लगाती रहीं. उनके चेहरे पर थकान का नामोनिशान नहीं था, बस एक अलग ही नूर और सुकून नजर आ रहा था. मानो बाबा ने खुद हाथ पकड़कर उन्हें ऊपर बुलाया हो.
सोशल मीडिया पर 'आजी' का जलवा बरकरार (Viral Video of Maharashtra Grandmother)
इंटरनेट पर इन 'दादी' का वीडियो आग की तरह फैल रहा है. लोग कह रहे हैं कि असली मोटिवेशन तो यही है. आज की जनरेशन जो जिम जाकर थक जाती है, उनके लिए ये खबर किसी करारे तमाचे से कम नहीं है. 'दादी' ने बिना किसी तामझाम के ये साबित कर दिया कि अगर रूह में श्रद्धा हो, तो शरीर की कमजोरी आड़े नहीं आती. वाकई, महाराष्ट्र की इस 'शेरनी' ने दिखा दिया कि उम्र तो बस एक नंबर है, असली खेल तो आपके जिगर का है. केदारनाथ की इन वादियों ने एक बार फिर एक अनोखी दास्तान देख ली.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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