गूगल मैप (Google Maps) हमें कई बार दिशा बताते हुए दिशाहीन भी कर देता है यानी हमें ऐसी जगह पहुंचा देता है, जहां कोई रास्ता ही न हो. 9 न्यूज के अनुसार, दो जर्मन पर्यटक, फिलिप मायर और मार्सेल शोएने ने गूगल मैप्स के निर्देशों का पालन करने के बाद खुद को ऑस्ट्रेलियाई जंगल में खोया हुआ पाया. वे केर्न्स से बामागा तक जा रहे थे और एक सुदूर गंदगी वाले रास्ते पर पहुंचे जो उन्हें जनता के लिए बंद एक राष्ट्रीय उद्यान में ले गया.
हफ्ते भर तक जंगल में घूमे
न्यूज आउटलेट के अनुसार, उनकी कार सुनसान ट्रैक पर 37 मील चलने के बाद कीचड़ में फंस गई. कोई सेल सेवा नहीं होने और सीमित आपूर्ति के कारण, उन्हें सुरक्षित जगह तक पहुंचने के लिए अपनी गाड़ी को छोड़ने और एक सप्ताह से अधिक समय तक पैदल यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्हें तूफान, गर्मी और कठोर मौसम की स्थिति का सामना करना पड़ा. यहां तक कि उन्हें मगरमच्छ से भरी नदी का सामना करना पड़ा.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
खराब मौसम का किया सामना
60 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद उनकी गाड़ी फंस जाने से उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा. पैदल आगे बढ़ने का प्रयास करते हुए, उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि वे पूरी तरह से उलझ गए हैं. मायर ने कहा, ‘मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं किसी फिल्म में हूं, किसी खराब फिल्म की तरह, लेकिन इसका अंत सुखद था.' उन्होंने आगे कहा, "हमने एक आश्रय स्थल बनाने की कोशिश की. लेकिन ये बन न सका, तो हम आसमान के नीचे सो गए. पूरे समय बारिश हो रही थी."
जंगल में खोए इन दो लोगों को वापस कोएन शहर तक पैदल चलने में एक सप्ताह लग गया. इधर गूगल के एक प्रतिनिधि ने कहा कि कंपनी को राहत है कि जर्मन पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्होंने बताया कि जांच चल रही है.
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब Google मैप्स ने यूजर्स को गुमराह किया है. कुछ महीने पहले, कैलिफ़ोर्निया में एक ग्रुप को राजमार्ग से भटका कर गूगल मैप रेगिस्तान में ले गया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं