
हाल ही में नेपाल में आए भकंप के बाद तबाही के दृश्य (फाइल फोटो)
शिमला:
भूकंप के विशेषज्ञों ने शनिवार को प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सुरक्षित भवनों के निर्माण और पर्याप्त तैयारियों पर जोर दिया।
शिमला में 'आपदा प्रबंधन और तैयारी' पर मीडिया कार्यशाला में बोलते हुए वे इस बात पर सहमत हुए कि 'भूकंप लागों की जान नहीं लेता, लेकिन असुरक्षित इमारतें जान लेती हैं'।
भारतीय मीडिया केंद्र ने जिला प्रशासन और एपी गोयल (एपीजी) शिमला यूनिवर्सिटी के सहयोग से कार्यशाला को आयोजित किया था। नगालैंड और मणिपुर के पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार ने इसका उद्घाटन किया, जो कि वर्तमान में एपीजी यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलाधिपति हैं।
शिमला में 'आपदा प्रबंधन और तैयारी' पर मीडिया कार्यशाला में बोलते हुए वे इस बात पर सहमत हुए कि 'भूकंप लागों की जान नहीं लेता, लेकिन असुरक्षित इमारतें जान लेती हैं'।
भारतीय मीडिया केंद्र ने जिला प्रशासन और एपी गोयल (एपीजी) शिमला यूनिवर्सिटी के सहयोग से कार्यशाला को आयोजित किया था। नगालैंड और मणिपुर के पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार ने इसका उद्घाटन किया, जो कि वर्तमान में एपीजी यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलाधिपति हैं।
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