Brain Dead Man Wakes Up: कल्पना कीजिए कि डॉक्टर किसी को 'ब्रेन डेड' करार दे दें, परिवार मातम मना चुका हो और उसके शरीर के अंग दूसरे को देने के लिए सर्जरी शुरू होने वाली हो, तभी अचानक आपकी आंखें खुल जाएं. यह कोई हॉलीवुड फिल्म का सीन नहीं, बल्कि केंटकी के रहने वाले 'एंथनी थॉमस 'टीजे' हूवर' के साथ हकीकत में हुआ है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, एंथनी थॉमस को दिल का दौरा पड़ने के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था, पर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. जैसे ही सर्जन थॉमस के शरीर से अंग निकालने के लिए आगे बढ़े, उन्होंने देखा कि बंदे की आंखों से आंसू टपक रहे हैं. ऑपरेशन थिएटर में मौजूद स्टाफ की तो मानो जान ही हलक में आ गई.
जब मौत के बिस्तर पर तड़पने लगा 'मुर्दा' (Horrific Medical Incident)
वहां मौजूद कर्मचारी नताशा मिलर ने बताया कि, थॉमस बिस्तर पर इधर-उधर हिलने लगे थे. सबसे डरावनी बात यह थी कि वह साफ तौर पर रो रहे थे. उनकी बहन डोना ने भी गौर किया था कि जब उन्हें आईसीयू से ले जाया जा रहा था, तब उनकी आंखें खुली थीं, लेकिन डॉक्टरों ने इसे 'नॉर्मल रिफ्लेक्स' कहकर टाल दिया. सोचिए उस शख्स पर क्या गुजरी होगी, जो सब देख और सुन रहा था, लेकिन बोल नहीं पा रहा था. डॉक्टरों ने तो अंग निकालने की प्रक्रिया की तैयारी के लिए उनके शरीर के बाल तक साफ कर दिए थे.

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सिस्टम पर सवाल और स्टाफ का इस्तीफा (Controversy and Resignations in Medical Team)
इस घटना के बाद मेडिकल जगत में भूचाल आ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जब थॉमस ने हलचल की, तो को-ऑर्डिनेटर ने अपने सुपरवाइजर को फोन किया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि 'कोई और डॉक्टर ढूंढो जो काम पूरा कर सके.' यानी मौत पक्की करने की पूरी तैयारी थी. इस संवेदनहीनता से नाराज होकर कई कर्मचारियों ने नौकरी तक छोड़ दी. निकोलेटा मार्टिन नाम की एक कर्मचारी ने आरोप लगाया कि जब थॉमस होश में आए, तो उन्हें चुपचाप फिर से बेहोश करने की कोशिश की गई, ताकि सर्जरी जारी रह सके.

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आज एंथनी थॉमस बिल्कुल ठीक हैं, लेकिन उनकी यह आपबीती अंगदान की पूरी प्रक्रिया और डॉक्टरों के 'ब्रेन डेड' घोषित करने के मापदंडों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है. यह वाकई किसी करिश्मे से कम नहीं कि थॉमस आज अपनी कहानी खुद सुनाने के लिए हमारे बीच हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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