- मंगल ग्रह का सूर्यास्त नीले और बैंगनी रंगों में होता है, जो वहां के धूल भरे वातावरण के कारण है
- मंगल के आसमान में धरती की तरह Orion और Cassiopeia जैसे नक्षत्र साफ दिखाई देते हैं
- मंगल पर दो चांद फोबोस और डीमोस होते हैं, जो इतनी रोशनी देते हैं कि परछाईं बनती है
क्या आपने कभी ये सोचा है कि अगर आप मंगल ग्रह से आसमान देखें, तो वह कैसा दिखेगा? धरती से दूर इस लाल ग्रह का रात का आसमान उतना ही आकर्षक है, जितना रहस्यमयी. असल में यहां की चमक-दमक, अलग रंगों का खेल और अनोखे खगोलीय दृश्य हर किसी को अद्भुत सपने जैसा अनुभव देते हैं. मंगल पर जैसे ही शाम ढलती है, सबसे पहले जो दृश्य सामने आता है, वह बेहद खूबसूरत होता है. धरती पर जहां सूर्यास्त लाल-पीले रंगों से सजा होता है, वहीं मंगल पर सूर्यास्त नीले और बैंगनी रंगों में नहाया हुआ नजर आता है. इसका कारण वहां का धूल भरा वातावरण है, जो सूर्य की रोशनी को अलग तरह से बिखेरता है, और सूर्य एक छोटी नीली चमकती डिस्क जैसा दिखाई देता है.
Night sky of Mars🌌 pic.twitter.com/6SWHJvPJWs
— All day Astronomy (@forallcurious) June 5, 2026
तारों भरा आसमान, लेकिन जाना-पहचाना
जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता है, मंगल का आसमान तारों से भर जाता है. यहां दिलचस्प बात यह है कि ये तारे लगभग वैसे ही दिखते हैं, जैसे धरती से दिखाई देते हैं. इसका मतलब है कि Orion, Cassiopeia जैसी कई नक्षत्र आकृतियां मंगल पर भी पहचानी जा सकती हैं. यानी एक अजनबी ग्रह पर भी कुछ नज़ारे आपको घर जैसा एहसास दिला सकते हैं. धरती की तरह मंगल पर सिर्फ एक चांद नहीं, बल्कि दो चांद फोबोस और डीमोस दिखाई देते हैं. ये दोनों चांद इतने चमकीले होते हैं कि उनकी रोशनी में आपकी परछाईं भी जमीन पर बन सकती है.
आसमान में नजर आता ‘धरती का तारा'
मंगल से देखने पर पृथ्वी भी एक चमकीले तारे की तरह दिखाई देती है. यह चांदी जैसी नीली रोशनी में चमचमाती है और खास मौकों पर बहुत ज्यादा उजली नजर आती है.अगर टेलीस्कोप से देखें तो पृथ्वी के महासागर और महाद्वीप भी दिखाई दे सकते हैं. एक ऐसा नजारा जो किसी भी अंतरिक्ष यात्री को रोमांचित कर दे. मंगल पर प्रकाश प्रदूषण बहुत कम होता है, इसलिए रात के समय Milky Way यानी आकाशगंगा बेहद साफ और चमकदार दिखती है. यहां ऐसा लगता है जैसे आसमान में तारों की सफेद नदी बह रही हो, जो एक छोर से दूसरे छोर तक फैली है.
टूटते सितारे और अनोखे नजारे
मंगल का वातावरण पतला जरूर है, लेकिन इतना है कि कभी-कभी उल्काएं (shooting stars) भी दिखाई देती हैं. ये टूटते तारे रात के आसमान में चमकीली लकीर बनाते हुए गुजरते हैं, जो इस पहले से ही खूबसूरत नजारे में और जादू भर देते हैं. जैसे ही रात धीरे-धीरे खत्म होती है और क्षितिज पर नीला-बैंगनी प्रकाश फैलने लगता है. फिर अचानक सूर्य उगता है और पूरा आसमान फिर से हल्के नारंगी-गुलाबी रंग में बदल जाता है. तारे एक-एक कर गायब हो जाते हैं और मंगल पर एक नया दिन शुरू हो जाता है.
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