- अमेरिका ने ईरान की तेल इंडस्ट्री पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो तेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को निशाना बनाते हैं
- 24 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों, और जहाजों पर कार्रवाई की गई, जो मोहम्मद हुसैन शमखानी के नेटवर्क से जुड़े हैं
- अमेरिका ने ईरान के साथ तेल व्यापार करने वाले देशों को सेकेंडरी प्रतिबंधों की चेतावनी दी है
US Iran War: अमेरिका ने ईरान के तेल सेक्टर पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. बुधवार, 15 अप्रैल को अमेरिका ने कहा कि वह ईरान की तेल इंडस्ट्री पर और सख्ती कर रहा है, क्योंकि तेहरान ने मिडिल ईस्ट के युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखा हुआ है. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ईरान के साथ तेल व्यापर करने वाले देशों पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है. यह कदम उस समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान, दोनों समझौते की कोशिश में लगे हैं, दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी कर रहे हैं.
ईरान के तेल सेक्टर पर प्रतिबंध
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने बताया कि नए प्रतिबंध तेल ट्रांसपोर्ट से जुड़े सिस्टम को निशाना बनाते हैं. इसके तहत 24 से ज्यादा लोगों, कंपनियों और जहाजों पर कार्रवाई की गई है, जो तेल शिपिंग के बड़े कारोबारी मोहम्मद हुसैन शमखानी के नेटवर्क में काम करते हैं. मोहम्मद हुसैन शमखानी, सुरक्षा अधिकारी अली शमखानी के बेटे हैं. अली शमखानी, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सलाहकार थे. 28 फरवरी को, जो अमेरिका-इजरायल हमलों का पहला दिन था और मिडिल ईस्ट युद्ध की शुरुआत हुई, उसी दिन दोनों की मौत हो गई थी.
वहीं अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने अलग बयान में कहा, “अमेरिका कदम उठा रहा है ताकि ईरान की कमाई करने की क्षमता को कम किया जा सके, क्योंकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपने नियंत्रण में रखकर दबाव बना रहा है.”
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ईरान से तेल व्यापार करने वाले देशों को धमकी
अमेरिका अब अपने साथी देशों पर भी दबाव डाल रहा है कि वे और सख्त कदम उठाएं, जैसे कि ईरान के नेताओं से जुड़े पैसों को फ्रीज (जमा/ब्लॉक) करना. स्कॉट बेसेंट ने कहा, “हमने उनसे कहा है कि हम IRGC के नेताओं और ईरान के बाकी नेताओं के ज्यादा से ज्यादा पैसे फ्रीज करना चाहते हैं.” स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश या संस्था ईरान के तेल से जुड़े कारोबार में शामिल रहेगा, तो अमेरिका उस पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगा सकता है.
सेकेंडरी सैंक्शन का मतलब है कि अगर कोई देश या कंपनी उस देश (जैसे ईरान) के साथ व्यापार करती है जिस पर पहले से प्रतिबंध हैं, तो अमेरिका उस तीसरे देश/कंपनी पर भी कार्रवाई करता है. यानि सीधे ईरान को तो सजा मिलेगी, साथ ही उसके साथ काम करने वालों को सजा देकर दबाव बनाया जाएगा. उन्होंने कहा, “हमने देशों से कहा है कि अगर आप ईरान का तेल खरीद रहे हैं, या ईरान का पैसा आपके बैंकों में रखा है, तो हम उस पर भी सख्त कार्रवाई करेंगे.” उन्होंने इसे “बहुत कड़ा कदम” बताया. उन्होंने कहा कि यह कदम बड़ी रणनीति का हिस्सा है.
“यह वैसा ही आर्थिक हमला होगा जैसा हमने युद्ध में असली हमलों (काइनेटिक एक्टिविटी) में देखा,” बेसेंट ने कहा. जब उनसे पूछा गया कि क्या यह नई शुरुआत है, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिलकुल.”
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