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ईरान ने अगर समझौता नहीं किया तो खार्ग द्वीप और तेल के कुएं उड़ा देंगे: ट्रंप का बड़ा अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर बड़ी धमकी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता है तो उसके खार्ग द्वीप और तेल के कुओं को बम से उड़ा दिया जाएगा.

ईरान ने अगर समझौता नहीं किया तो खार्ग द्वीप और तेल के कुएं उड़ा देंगे: ट्रंप का बड़ा अल्टीमेटम

ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग को महीनाभर हो चुका है. अब तक जंग किसी अंजाम पर नहीं पहुंची है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान के साथ बातचीत चल रही है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इस बीच ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दे दिया है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान जल्द ही कोई समझौता नहीं करता और होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलता तो फिर उसके पावर प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप को बम से उड़ाकर पूरी तरह तबाह कर देंगे.

ट्रंप का यह अल्टीमेटम ऐसे समय आया है, जब ईरान के साथ जंग में यमन के हूती विद्रोहियों की भी एंट्री हो गई है और होर्मुज स्ट्रेट के बाद बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर भी खतरा मंडराने लगा है. इससे पहले ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी प्लांट पर बमबारी रोकने का आदेश दिया था. ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी ईरानी नेताओं के साथ बातचीत चल रही है. 

लेकिन अब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक नई पोस्ट कर ईरान को अल्टीमेटम दे दिया है. ट्रंप ने धमकाते हुए कहा कि अगर समझौता हुआ नहीं हुआ तो ईरान को तबाह कर दिया जाएगा. हालांकि, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ समझौते को लेकर उनकी बातचीत हो रही है.

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ट्रंप ने अब ईरान पर क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, 'अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है, ताकि ईरान में हमारा सैन्य ऑपरेशन खत्म किया जा सके. इसमें काफी प्रगति हुई है लेकिन अगर किसी भी वजह से जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है और होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला जाता है तो हम ईरान में अपने ऑपरेशन को इस तरह खत्म करेंगे कि उनके सभी पावर प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप और शायद वॉटर डिसैलनाइजेशन प्लांट को बम से उड़ाकर पूरी तरह तबाह कर देंगे.'

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ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अब तक 'जानबूझकर' ईरान के पावर प्लांट, खार्ग द्वीप, तेल के कुएं और वॉटर डिसैलनाइजेशन प्लांट को हाथ नहीं लगाया है. 

उन्होंने बमबारी की धमकी देते हुए आगे लिखा, 'यह हमारे उन कई सैनिकों की मौत का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के 47 साल के आतंक के राज के दौरान बेरहमी से मार डाला था.'

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क्या खार्ग द्वीप को कब्जाना चाहते हैं ट्रंप?

28 फरवरी को जंग शुरू होने के कुछ दिन बाद अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बमबारी की थी. ये बमबारी खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर की गई थी. खार्ग द्वीप ईरान और उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि उसका तेल का 90 फीसदी कारोबार यहीं से होता है. ईरान का सबसे बड़ा ऑयल एक्सपोर्ट हब खार्ग द्वीप पर ही बना है. 

ट्रंप बार-बार खार्ग द्वीप का जिक्र कर चुके हैं. सोमवार को ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं. उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान में तेल लेना है लेकिन अमेरिका कुछ बेवकूफ लोग कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं? लेकिन वे बेवकूफ लोग हैं.'

ट्रंप ने यह भी कह दिया कि वह खार्ग द्वीप को कब्जा सकते हैं. फाइनेंसियल टाइम्स से उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि हम खार्ग द्वीप ले लें या हो सकता है कि हम इसे न भी लें. हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं. इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए वहां रहना होगा.'

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एक महीने से जारी है जंग

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था. पहले दिन ही हमले में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही ईरान के साथ जंग चल रही है. बदला लेने के लिए ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है. 

इस जंग को एक महीना हो गया है. ईरान ने उस होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है. इससे दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं. जंग शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. 

एक महीने की जंग के बाद भी अभी तक सुलह के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरानी नेताओं के साथ एक समझौते पर बात चल रही है. जबकि, ईरान इसे खारिज कर रहा है. ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें इंटरनेशनल गारंटी के साथ-साथ युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर्जाने की शर्त भी शामिल है.

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