इस्लामाबाद:
अफगानिस्तान में दशकों से जारी संघर्ष के राजनीतिक समाधान के लिए अफगान तालिबान और अमेरिका ने कतर में फिर से अपनी बातचीत बहाल की है। हालांकि, अब तक दोनों पक्ष किसी भी तरह की प्रगति में नाकाम रहे हैं। ‘द न्यूज डेली’ ने अज्ञात तालिबान नेताओं के हवाले से कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे के सामने कड़ी शर्तें रख रहे हैं।
तालिबान ने 3 जनवरी को कतर में अपना कार्यालय खोला और इसे अमेरिका से बातचीत के लिए अपना ‘राजनयिक कार्यालय’ बताया। तालिबान नेताओं ने कहा कि अफगान तालिबान के सर्वोच्च कमांडर मुल्ला मोहम्मद उमर के रिश्तेदार और प्रवक्ता तैयब आगा की अगुवाई वाला एक पांच-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तीन हफ्ते पहले कतर गया था और अमेरिकी अधिकारियों के साथ दो दौर की बातचीत की थी। सऊदी अरब में तालिबान के पूर्व दूत मौलवी शहाबुद्दीन दिलावर प्रतिनिधिमंडल के एक और सदस्य हैं। बहरहाल, तालिबान नेताओं ने कहा कि वह मौजूदा वार्ता में तत्काल किसी सफलता की उम्मीद नहीं कर रहे।
तालिबान ने 3 जनवरी को कतर में अपना कार्यालय खोला और इसे अमेरिका से बातचीत के लिए अपना ‘राजनयिक कार्यालय’ बताया। तालिबान नेताओं ने कहा कि अफगान तालिबान के सर्वोच्च कमांडर मुल्ला मोहम्मद उमर के रिश्तेदार और प्रवक्ता तैयब आगा की अगुवाई वाला एक पांच-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तीन हफ्ते पहले कतर गया था और अमेरिकी अधिकारियों के साथ दो दौर की बातचीत की थी। सऊदी अरब में तालिबान के पूर्व दूत मौलवी शहाबुद्दीन दिलावर प्रतिनिधिमंडल के एक और सदस्य हैं। बहरहाल, तालिबान नेताओं ने कहा कि वह मौजूदा वार्ता में तत्काल किसी सफलता की उम्मीद नहीं कर रहे।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं