- दो फरवरी 2016 को सोमाली आत्मघाती हमलावर ने दाल्लो एयरलाइंस की फ्लाइट 159 में लैपटॉप बम से विस्फोट किया था
- विमान ने मोगादिशु में आपातकालीन लैंडिंग की और केवल हमलावर की मौत हुई, अन्य यात्री सुरक्षित रहे
- अल-शबाब समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली और इसका निशाना पश्चिमी अधिकारी व तुर्की की नाटो सेनाएं बताया
एक दशक पहले, 2 फरवरी 2016 को, एक सोमाली आत्मघाती हमलावर ने मोगादिशु से जिबूती जा रही दाल्लो एयरलाइंस की फ्लाइट 159 में विस्फोट कर दिया. मगर ये किसी चमत्कार से कम नहीं था कि केवल हमलावर ही मारा गया. संदिग्ध हमलावर की पहचान सोमाली नागरिक अब्दुलाही अब्दिसलाम बोरलेह के रूप में हुई. वह विस्फोटकों से भरा लैपटॉप कंप्यूटर अपने साथ विमान में ले गया था. सीएनएन के सूत्रों के अनुसार, हमलावर को ठीक-ठीक पता था कि कहां बैठना है और उपकरण को किस तरह रखना है ताकि सबसे अधिक नुकसान हो.
आपातकालीन लैंडिंग हुई
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दाल्लो एयरलाइंस की फ्लाइट में विस्फोट उड़ान भरने के लगभग 15 मिनट बाद हुआ, जब विमान लगभग 11,000 फीट (3,350 मीटर) की ऊंचाई पर था और केबिन पूरी तरह से दबावयुक्त नहीं हुआ था.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट से एयरबस ए321 के एक तरफ एक मीटर का छेद हो गया और हमलावर की मौत हो गई. संभवतः विस्फोट के कारण वह विमान से बाहर गिर गया था. विमान को मोगादिशु में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी.
सोमालिया स्थित समूह अल-शबाब ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसका निशाना पश्चिमी अधिकारी और तुर्की की नाटो सेनाएं थीं.
तुर्की एयरलाइंस था निशाने पर
एक ईमेल बयान में समूह ने कहा, "हरकत अल-शबाब अल मुजाहिदीन ने सोमालिया के मुसलमानों के खिलाफ पश्चिमी धर्मयुद्धियों के गठबंधन और उनकी खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए अपराधों के प्रतिशोध के रूप में यह बमबारी की." दाल्लो एयरलाइंस के प्रमुख मोहम्मद इब्राहिम यासीन ओलाद ने खुलासा किया कि हमलावर मूल रूप से तुर्की एयरलाइंस की उड़ान में सवार होने वाले थे, जो रद्द हो गई थी. ओलाद के अनुसार, फ्लाइट में सवार 74 यात्रियों ने मूल रूप से तुर्की एयरलाइंस में चेक-इन किया था, जो सप्ताह में तीन बार सोमालिया के लिए उड़ान भरती है. उन्होंने आगे कहा, “वे हमारे यात्री नहीं थे. तुर्की एयरलाइंस ने उस सुबह मोगादिशु से अपनी उड़ान रद्द कर दी थी, क्योंकि जिबूती से आने वाली उड़ान तेज हवाओं के कारण मोगादिशु नहीं आ सकी थी. उन्होंने हमसे अनुरोध किया कि हम उनकी ओर से यात्रियों को जिबूती ले जाएं, जहां से वे तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से अपनी आगे की यात्रा जारी रखेंगे.”
मई 2016 में, सोमालियाई सैन्य अदालत ने बम हमले की योजना बनाने के आरोप में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला सहित आठ अन्य लोगों को छह महीने से लेकर चार साल तक की जेल की सजा मिली.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं