
कोलंबो:
श्रीलंका में तूफानी मानसून के कारण कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है और 35 लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मरने वालों में ज्यादातर मछुआरे हैं।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून के कारण गत शुक्रवार से उठ रही बड़ी लहरों और लगातार हो रही वष्रा से खराब मौसम में मृतकों में कम से कम 26 मछुआरे शामिल हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 37 मछुआरे और मछली मारने वाली 43 नौकाएं लापता हैं।
मत्स्य विभाग के उपमंत्री सरथ कुमार गुनरत्ने ने कहा, ‘‘मारे गए मछुआरों के परिवारों को सरकार सहायता मुहैया कराएगी।’’ आपदा प्रबंधन केन्द्र के प्रवक्ता सरथ लाल कुमार ने बताया कि इस मौसम से 772 परिवार (1,446लोग) प्रभावित हुए हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘हमने उनके लिए पांच राहत केन्द्र खोले हैं।’’ शुक्रवार से ही श्रीलंकाई नौसेना और वायुसेना दक्षिण-पश्चिमी तटवर्ती इलाकों में लापता हुए मछुआरों को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है।
खराब मौसम के संबंध में मछुआरों को समय पर चेतावनी नहीं देने के कारण मौसम विभाग भी सरकार के कोप का भाजन बन रहा है।
राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे के कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रपति ने आपदा प्रबंधन मंत्री को आदेश दिया है कि वह मौसम विभाग की संभव लापरवाही की जांच करे।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून के कारण गत शुक्रवार से उठ रही बड़ी लहरों और लगातार हो रही वष्रा से खराब मौसम में मृतकों में कम से कम 26 मछुआरे शामिल हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 37 मछुआरे और मछली मारने वाली 43 नौकाएं लापता हैं।
मत्स्य विभाग के उपमंत्री सरथ कुमार गुनरत्ने ने कहा, ‘‘मारे गए मछुआरों के परिवारों को सरकार सहायता मुहैया कराएगी।’’ आपदा प्रबंधन केन्द्र के प्रवक्ता सरथ लाल कुमार ने बताया कि इस मौसम से 772 परिवार (1,446लोग) प्रभावित हुए हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘हमने उनके लिए पांच राहत केन्द्र खोले हैं।’’ शुक्रवार से ही श्रीलंकाई नौसेना और वायुसेना दक्षिण-पश्चिमी तटवर्ती इलाकों में लापता हुए मछुआरों को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है।
खराब मौसम के संबंध में मछुआरों को समय पर चेतावनी नहीं देने के कारण मौसम विभाग भी सरकार के कोप का भाजन बन रहा है।
राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे के कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रपति ने आपदा प्रबंधन मंत्री को आदेश दिया है कि वह मौसम विभाग की संभव लापरवाही की जांच करे।