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मिशन के दौरान फाइटर जेट्स उड़ाते दोनों पायलट ले रहे थे सेल्फी और वीडियो, टक्कर होने के 5 साल बाद खुलासा

दक्षिण कोरिया में 2021 में दो F‑15K फाइटर जेट हवा में आपस में इसलिए टकरा गए थे. अब इन दोनों जेट के आपस में टकराने की जो वजह सामने आई, उसे सुनकर किसी के भी होश फाख्ता हो जाएंगे.

मिशन के दौरान फाइटर जेट्स उड़ाते दोनों पायलट ले रहे थे सेल्फी और वीडियो, टक्कर होने के 5 साल बाद खुलासा
टक्कर की वजह जान उड़ रहे हर किसी के होश (एआई इमेज)
  • दक्षिण कोरिया में दो F-15K फाइटर जेट 2021 में Daegu के ऊपर उड़ान के दौरान आपस में टकरा गए थे
  • हादसे की जांच में खुलासा हुआ कि पायलट उड़ान के दौरान सेल्फी और वीडियो लेने में व्यस्त थे
  • टक्कर में दोनों पायलट सुरक्षित रहे लेकिन विमानों को लगभग 880 मिलियन वॉन का भारी नुकसान हुआ
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आसमान की ऊंचाई में तेज आवाज के साथ गोता लगाते फाइटर जेट किसे रोमांचित नहीं करते हैं. बेजोड़ तकनीक और अनुशासन की मिसाल माने जाने वाले उन्नत फाइटर जेट की दुनिया में एक छोटी‑सी लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है, इसका चौंकाने वाला उदाहरण दक्षिण कोरिया से सामने आया है. जहां साल 2021 में आसमान में हुई टक्कर की जांच में अब खुलासा हुआ है कि दो फाइटर जेट इसलिए आपस में टकरा गए क्योंकि पायलट उड़ान के दौरान सेल्फी और वीडियो लेने में मशगूल थे. गनीमत ये रही कि फाइटर जेट में सवार पायलटों की जान बच गई, लेकिन इस हादस में कोरियन एयरफोर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

Daegu के ऊपर मिशन के दौरान हुआ हादसा

दक्षिण कोरिया के सियोल स्थित ऑडिट एंड इंस्पेक्शन के अनुसार यह घटना साल 2021 में उस समय हुई, जब दो F‑15K फाइटर जेट Daegu के ऊपर एक रेगुलर उड़ान भर रहे थे और दोनों विमान मिशन पूरा कर अपने बेस पर लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई. हालांकि अच्छी बात ये रही कि इस टक्कर में दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई, लेकिन दोनों विमानों को भारी नुकसान पहुंचा. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक विमानों की मरम्मत पर करीब 880 मिलियन वॉन (लगभग 5.96 लाख डॉलर) का खर्च आया.

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आखिरी उड़ान की यादों के लिए खींची जा रही थीं तस्वीरें

रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना की जड़ में एक पायलट की वह इच्छा थी, जो अपनी मिलिट्री यूनिट के साथ आखिरी उड़ान को यादगार बनाना चाहता था. यह पायलट विंगमैन एयरक्राफ्ट उड़ा रहा था और उसने उड़ान से पहले ही ब्रीफिंग में बता दिया था कि वह तस्वीरें लेना चाहता है. ऑडिट बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उस समय महत्वपूर्ण उड़ानों की फोटो और वीडियो लेना पायलटों के बीच एक आम चलन था.

पर्सनल मोबाइल फोन से ली जा रही थीं तस्वीरें

रिपोर्ट के अनुसार, बेस की ओर लौटते समय पायलट ने अपने व्यक्तिगत मोबाइल फोन से तस्वीरें क्लिक करना शुरू कर दिया. जब यह बात लीड एयरक्राफ्ट पायलट को पता चली, तो उसने अपने विमान में मौजूद दूसरे पायलट से विंगमैन जेट का वीडियो बनाने को कहा. इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए. बेहतर वीडियो के लिए विंगमैन पायलट ने अचानक अपना फाइटर जेट ऊपर की ओर ले जाकर उल्टा घुमा दिया, ताकि कैमरे में सही एंगल आ सके.

करीबी दूरी और बचाव की कोशिश में टक्कर

इस अचानक किए गए मैनुवर की वजह से दोनों फाइटर जेट एक‑दूसरे के बेहद करीब आ गए. टक्कर से बचने के लिए लीड एयरक्राफ्ट ने तेजी से नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद दोनों F‑15K जेट आपस में टकरा गए. हादसे में लीड एयरक्राफ्ट का बायां विंग क्षतिग्रस्त हुआ. वहीं विंगमैन एयरक्राफ्ट का टेल स्टेबलाइजर भी टूट गया. हालांकि गनीमत ये रही कि इसके बाद भी दोनों विमान सुरक्षित तरीके से अपने बेस तक वापस लौटने में कामयाब रहे.

पायलट पर कार्रवाई, लेकिन बाद में जुर्माने में राहत

दक्षिण कोरिया की एयरफोर्स ने घटना के बाद विंगमैन पायलट को सस्पेंड कर दिया. यह पायलट बाद में वायुसेना छोड़कर एक कमर्शियल एयरलाइन में काम करने लगा. इसके बाद एयरफोर्स ने विमान की मरम्मत पर आए पूरे 880 मिलियन वॉन की राशि पायलट से वसूलने का फैसला किया. लेकिन जब पायलट ने इस जुर्माने के खिलाफ अपील की, तो मामले की ऑडिट बोर्ड द्वारा जांच शुरू हुई.

‘लीड पायलट की सहमति' की दलील

अपनी सफाई में विंगमैन पायलट ने माना कि उसके अचानक किए गए मैनुवर की वजह से ही टक्कर हुई, लेकिन उसने यह भी कहा कि लीड प्लेन के पायलट को फिल्मिंग की जानकारी थी और उसने मौन सहमति दी थी. ऑडिट बोर्ड ने अंततः फैसला सुनाया कि पायलट को पूरी रकम नहीं, बल्कि उसका दसवां हिस्सा यानी 88 मिलियन वॉन ही चुकाने होंगे. बोर्ड ने कहा कि उड़ान के दौरान पर्सनल कैमरा और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर वायुसेना के नियम स्पष्ट नहीं थे. एयरफोर्स को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. साथ ही बोर्ड ने यह भी ध्यान रखा कि पायलट का ट्रैक रिकॉर्ड पहले अच्छा रहा था. हादसे के बाद उसने विमान को सुरक्षित तरीके से बेस तक पहुंचाया, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया. रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस घटना में शामिल अन्य पायलटों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई या नहीं.

कोरिया से सामने आया यह मामला दिखाता है कि हाई‑टेक सैन्य अभियानों में अनुशासन और नियमों की अनदेखी, चाहे वह कितनी ही छोटी क्यों न लगे, जान और अरबों की संपत्ति दोनों के लिए खतरा बन सकती है. तस्वीरें और वीडियो लेने का शौक भी हवा में उड़ रहे फाइटर जेट के लिए बड़ा जोखिम साबित हो सकता है.

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