शहबाज शरीफ की दुनिया भर में फिर से फजीहत हो गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का X अकाउंट कोई दिग्गज रणनीतिकार या डिप्लोमैट नहीं, बल्कि एक कम पढ़ा-लिखा शख्स चला रहा है. इस शख्स को'पहलवान' कहा जाता है. हाल ही में हुए एक 'ड्राफ्ट पोस्ट' ब्लंडर की वजह से ये बात दुनिया के सामने आ गई. वरिष्ठ पत्रकार अबसार आलम ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का निजी सोशल मीडिया अकाउंट उनके स्टाफ का एक सदस्य संभालता है.
हाल ही में शहबाज शरीफ के अकाउंट से एक पोस्ट शेयर हुई, जिसमें ड्राफ्ट की गई बातें और अंदरूनी निर्देश भी साथ में पेस्ट कर दिए गए थे. यह कॉपी-पेस्ट की गलती देखते ही देखते पूरी दुनिया में वायरल हो गई.
इस घटना ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान की सरकार में डिजिटल प्रोटोकॉल नाम की कोई चीज नहीं है और देश के सबसे ताकतवर शख्स की आवाज एक अनाड़ी व्यक्ति के भरोसे छोड़ी गई है.وزیر اعظم شہباز شریف کا ٹویٹر اکاونٹ ایک"پہلوان"ہینڈل کرتا ہے اور اس"پہلوان"نے غلط ٹویٹ کر کے وزیر اعظم کی سبکی کرواتے ہوئے وزیراعظم کی"کنڈ"لگوا دی۔پہلوان کسی وزیر کا طوطا ہےاسے فی الحال یہ کہا گیا ہے کہ کچھ دن وزیراعظم کے سامنے نہیں آنا۔
— Asad R Chaudhry (@Asadrchaudhry) April 14, 2026
(ابصار عالم)
ابصار صاحب۔۔وہ وزیر اور… pic.twitter.com/a4wxgvC4QO
सजा के नाम पर खानापूर्ति
इस बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी के बाद उम्मीद थी कि कोई सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली. अबसार आलम के मुताबिक, इस भारी गलती के बाद प्रधानमंत्री ने 'पहलवान' को जो सजा दी, वह बेहद हास्यास्पद है. शहबाज शरीफ ने बस इतना कहा कि 'पहलवान कुछ दिनों तक मेरे सामने न आए.'
सोशल मीडिया पर इसे लेकर सरकार की काफी किरकिरी हो रही है कि आखिर इतने गंभीर मसले को इतने हल्के में कैसे लिया जा सकता है.
आलोचकों का कहना है कि यह घटना काम चलाऊ व्यवस्था का उदाहरण है जिसने पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासन को जकड़ रखा है.
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'पहलवान' को इतनी तवज्जो क्यों?
दरअसल 'पहलवान' को एक ताकतवर पाकिस्तानी मंत्री का संरक्षण हासिल है. इसी रसूख की वजह से बार-बार गलतियां करने के बावजूद वह अपनी जगह पर टिका हुआ है. सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर पाक अवाम चिंतित है. उनका मानना है कि इतने संवेदनशील मामलों को एक कम पढ़ा लिखा शख्स संभाल रहा है तो पाकिस्तान के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.
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