रूस ने कहा है कि भारत की अन्य देशों से करीबी के बाद भी उससे रणनीतिक साझेदारी बनी रहेगी.
- दूसरे देशों से संबंध बनने का मतलब रूस से संबंध खत्म होना नहीं
- भारत के साथ रूस का सहयोग जारी रहेगा
- रूस हमेशा से भारत का रणनीतिक साझीदार रहा है और रहेगा
जुकोवस्की (रूस):
अमेरिका सहित अन्य देशों से भारत के गहरे होते रिश्तों के बावजूद रूस भारत का रणनीतिक साझीदार बना रहेगा. रूस का कहना है कि भारत को कुछ रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी सिर्फ रूस ही दे सकता है.
रूस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, फ्रांस और इस्राइल जैसे देशों के साथ नई दिल्ली की बढ़ती नजदीकियों के बावजूद रूस हमेशा भारत का रणनीतिक साझीदार बना रहेगा क्योंकि कुछ खास रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी ‘मॉस्को के अलावा कोई और नहीं दे सकता.’
यह भी पढ़ें- भारत को 48 एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति कुछ महीनों में करेगा रूस
रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन के सीईओ सर्गेई केमजोव ने कहा कि भारत के साथ सहयोग जारी रहेगा, फिर चाहे भारत केवल रूस के साथ सहयोग रखे या साथ ही साथ इस्राइल, फ्रांस, अमेरिका और अन्य देशों के साथ भी सहयोग रखे.
यह भी पढ़ें- भारतीय वायुसेना को अपना सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान मिग-35 बेचने का इच्छुक है रूस
यह भी पढ़ें - विमान तथा वाहन विनिर्माण के लिए भारत-रूस बनाएंगे संयुक्त उपक्रम
रूस के प्रमुख एयर शो एमएकेएस 2017 से इतर केमजोव ने कहा, ‘‘हमारा अलग महत्व है, इन देशों की सहयोग की अपनी दिशा है. इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि भारत अगर किसी दूसरे देश के साथ काम करता है तो, रूस के साथ संबंध समाप्त हो जाएंगे. नहीं..’’
VIDEO : रूस के साथ रक्षा सहयोग
अन्य देशों के साथ भारत के बढ़ते रक्षा सहयोग के भारत-रूस सहयोग पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी हैं, जो रूस के अलावा कोई और नहीं दे सकता. इसलिए रूस हमेशा से भारत का रणनीतिक साझीदार रहा है और रहेगा.’’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रूस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, फ्रांस और इस्राइल जैसे देशों के साथ नई दिल्ली की बढ़ती नजदीकियों के बावजूद रूस हमेशा भारत का रणनीतिक साझीदार बना रहेगा क्योंकि कुछ खास रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी ‘मॉस्को के अलावा कोई और नहीं दे सकता.’
यह भी पढ़ें- भारत को 48 एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति कुछ महीनों में करेगा रूस
रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन के सीईओ सर्गेई केमजोव ने कहा कि भारत के साथ सहयोग जारी रहेगा, फिर चाहे भारत केवल रूस के साथ सहयोग रखे या साथ ही साथ इस्राइल, फ्रांस, अमेरिका और अन्य देशों के साथ भी सहयोग रखे.
यह भी पढ़ें- भारतीय वायुसेना को अपना सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान मिग-35 बेचने का इच्छुक है रूस
यह भी पढ़ें - विमान तथा वाहन विनिर्माण के लिए भारत-रूस बनाएंगे संयुक्त उपक्रम
रूस के प्रमुख एयर शो एमएकेएस 2017 से इतर केमजोव ने कहा, ‘‘हमारा अलग महत्व है, इन देशों की सहयोग की अपनी दिशा है. इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि भारत अगर किसी दूसरे देश के साथ काम करता है तो, रूस के साथ संबंध समाप्त हो जाएंगे. नहीं..’’
VIDEO : रूस के साथ रक्षा सहयोग
अन्य देशों के साथ भारत के बढ़ते रक्षा सहयोग के भारत-रूस सहयोग पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी हैं, जो रूस के अलावा कोई और नहीं दे सकता. इसलिए रूस हमेशा से भारत का रणनीतिक साझीदार रहा है और रहेगा.’’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
India-Russia Bilateral Trade, America, Israel, France, India-Russia Relations