मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस का बड़ा बयान सामने आया है. रूस ने कहा है कि अगर हर कोई ऐसा चाहता है तो वह ईरान और अमेरिका-इजरायल के युद्ध को सुलझाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यह बयान दिया. इसके अलावा उन्होंने खाड़ी देशों को किसी और से युद्ध में घसीटने के खिलाफ चेतावनी दी और तुरंत संघर्ष कम करने की अपील की.
नागरिक सुविधाओं पर हमलों का विरोध
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने इन देशों को किसी और के युद्ध में घसीटने और उनकी नागरिक बुनियादी सुविधाओं पर हमलों का विरोध किया है. लावरोव ने मिडिल ईस्ट में शत्रुता को तुरंत खत्म करने का भी आह्वान किया. बयान के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र में सैन्य और राजनीतिक स्थिति के अभूतपूर्व रूप से बिगड़ने के बारे में विचारों का गहन आदान-प्रदान हुआ, जो एक महीने से ज्यादा समय से जारी है.
'कूटनीतिक माध्यमों से ही निकल सकता है समाधान'
बयान में कहा गया है कि लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि इस संघर्ष का समाधान केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है, जिसमें इस क्षेत्र के सभी देशों के वैध हितों का पूरा ध्यान रखा जाए. इस संघर्ष का मूल कारण ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की अकारण और संवेदनहीन आक्रामकता है. बयान में कहा गया, 'रूस दुश्मनी को तुरंत खत्म करने का आह्वान करता है, जो आम नागरिकों के लिए तबाही और पीड़ा का कारण बन रही है.'
मिडिल ईस्ट में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने के साथ शुरू हुआ, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोस में वाशिंगटन के सहयोगियों और तेल अवीव को निशाना बनाया.
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