पोलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के लिए फिर से एक बार अपने सपोर्ट को दोहराया है. पोलैंड के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट व्लादिस्लाव टेओफिल बार्टोस्जेव्स्की ने समाचार एजेंसी एएनआई से इस बात की पुष्टि की है.
इसके साथ ही मिलिट्री इक्विपमेंट, ड्रोन और सैटेलाइट के जॉइंट प्रोडक्शन समेत गहरे डिफेंस कोऑपरेशन की भी बात कही है. UNSC में सुधारों के लिए भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग का समर्थन करते हुए बार्टोस्जेव्स्की ने कहा कि पोलैंड नई दिल्ली की परमानेंट मेंबर बनने की इच्छा का समर्थन करता है लेकिन यह भी माना कि काउंसिल को बढ़ाना मुश्किल बना हुआ है क्योंकि किसी भी स्ट्रक्चरल बदलाव के लिए सभी मौजूदा मेंबर्स के बीच आम सहमति की जरूरत होती है. लेकिन इसमें हर एक के पास वीटो पावर है.
बार्टोस्जेव्स्की ने कहा, "हम चाहते हैं कि भारत एक परमानेंट सदस्य बने. हमने भारत के साथ यूनाइटेड नेशंस की सिक्योरिटी काउंसिल के स्ट्रक्चर में बड़े बदलावों पर भी बात की. दिक्कत यह है और हमेशा से रही है कि बदलाव करने के लिए, सभी सदस्यों को सहमत होना पड़ता है. और चूंकि हर सदस्य के पास वीटो है इसलिए हमेशा कोई न कोई ऐसा होता है जो बदलना नहीं चाहता क्योंकि उन्हें बड़े क्लब के बजाय छोटा क्लब पसंद होता है. हम इस कोशिश में निश्चित तौर से भारत का सपोर्ट करते हैं."
रक्षा सहयोग पर भी दोनों देश साथ-साथ
रक्षा सहयोग को लेकर पोलिश मिनिस्टर ने कहा कि दोनों देश क्लासिफाइड जानकारी के एक्सचेंज पर एक एग्रीमेंट साइन करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "हमें क्लासिफाइड जानकारी के लेन-देन के बारे में एक एग्रीमेंट साइन करना होगा क्योंकि इसके बिना यह बहुत मुश्किल है." बार्टोस्जेव्स्की ने कहा कि भारत ने पोलैंड के अलग-अलग मिलिट्री प्लेटफॉर्म खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है और वह मिलकर काम करने के फ्रेमवर्क के तहत भारत में उन्हें बनाने की संभावना भी तलाश रहा है.
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