
ढाका:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे के अंतिम दिन ढाका के बंगबंधु अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सेंटर में लोगों को संबोधित किया है। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पीएम मोदी ने बांग्ला भाषा में संबोधन शुरू किया। मोदी ने कहा आज मेरी यात्रा समाप्त हो रही है, लेकिन लग रहा है, जैसे अभी यात्रा शुरू ही हो रही है।
पीएम मोदी के संबोधन की 10 खास बातें इस प्रकार हैं...
1.) भारत और बांग्लादेश सिर्फ पड़ोसी नहीं, अब दुनिया को पता चलेगा कि दोनों देश साथ-साथ चलने वाले हैं। आज साथ-साथ चलने की बात कर रहे हैं तो आगे साथ-साथ दौड़ भी लगाएंगे।
2.) मेरी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का सपना एक ही है विकास। मैं भी सिर्फ विकास के बारे में सोचता हूं और यहां की पीएम भी विकास के बारे में ही सोचती हैं।
3.) बांग्लादेश के साथ मेरा भावनात्मक रिश्ता है। मुक्ति आंदोलन के दौरान जितना खून बांग्लादेशियों को खौला, उतना ही भारतीयों के खून में भी उबाल आया।
4.) बांग्लादेश में बार-बार राजनीतिक संकट आए हैं, लेकिन उसके बावजूद बांग्लादेश 6 फीसदी की विकासदर हासिल कर रहा है और यह कोई छोटी बात नहीं है।
5.) बिजली के लिए भारत-बांग्लादेश-भूटान-नेपाल मिलकर काम करें। भारत और बांग्लादेश सोलर एनर्जी के लिए आगे बढ़ेंगे।
6.) दुनिया का बड़े से बड़ा ताकतवर देश भी आज अकेले नहीं चल सकता। इसलिए हमें दुनिया के सामने खुद को मजबूती के साथ पेश करना होगा।
7.) बांग्लादेश और सार्क देशों ने महिला सशक्तिकरण को नया आयाम दिया है। बांग्लादेश में उच्च पदों पर महिलाओं को देखकर खुशी होती है। इस मामले में हम दुनिया से कम नहीं।
8.) पंछी-पवन और पानी को वीजा नहीं लगता। पानी राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता। तीस्ता के पानी का समाधान भी मानवीय मुद्दों के आधार पर होगा। तीस्ता के पानी के बंटवारे के लिए बातचीत जारी रहेगी।
9.) आतंकवाद की कोई जमीन नहीं, इसकी कोई सीमा नहीं। भारत पिछले 40 सालों के इससे पीड़ित है। आतंकियों का कोई आदर्श नहीं, कोई मूल्य नहीं हैं। वे मानवता के खिलाफ हैं। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के लिए शेख हसीना के नीति का सम्मान करता हूं।
10.) हिन्दुस्तान ने जमीन के लिए कभी किसी से लड़ाई नहीं लड़ी, लेकिन भारतीय सेना ने बांग्लादेश की मुक्ति के लिए यहां के लोगों के साथ अपना खून बहाया।
पीएम मोदी के संबोधन की 10 खास बातें इस प्रकार हैं...
1.) भारत और बांग्लादेश सिर्फ पड़ोसी नहीं, अब दुनिया को पता चलेगा कि दोनों देश साथ-साथ चलने वाले हैं। आज साथ-साथ चलने की बात कर रहे हैं तो आगे साथ-साथ दौड़ भी लगाएंगे।
2.) मेरी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का सपना एक ही है विकास। मैं भी सिर्फ विकास के बारे में सोचता हूं और यहां की पीएम भी विकास के बारे में ही सोचती हैं।
3.) बांग्लादेश के साथ मेरा भावनात्मक रिश्ता है। मुक्ति आंदोलन के दौरान जितना खून बांग्लादेशियों को खौला, उतना ही भारतीयों के खून में भी उबाल आया।
4.) बांग्लादेश में बार-बार राजनीतिक संकट आए हैं, लेकिन उसके बावजूद बांग्लादेश 6 फीसदी की विकासदर हासिल कर रहा है और यह कोई छोटी बात नहीं है।
5.) बिजली के लिए भारत-बांग्लादेश-भूटान-नेपाल मिलकर काम करें। भारत और बांग्लादेश सोलर एनर्जी के लिए आगे बढ़ेंगे।
6.) दुनिया का बड़े से बड़ा ताकतवर देश भी आज अकेले नहीं चल सकता। इसलिए हमें दुनिया के सामने खुद को मजबूती के साथ पेश करना होगा।
7.) बांग्लादेश और सार्क देशों ने महिला सशक्तिकरण को नया आयाम दिया है। बांग्लादेश में उच्च पदों पर महिलाओं को देखकर खुशी होती है। इस मामले में हम दुनिया से कम नहीं।
8.) पंछी-पवन और पानी को वीजा नहीं लगता। पानी राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता। तीस्ता के पानी का समाधान भी मानवीय मुद्दों के आधार पर होगा। तीस्ता के पानी के बंटवारे के लिए बातचीत जारी रहेगी।
9.) आतंकवाद की कोई जमीन नहीं, इसकी कोई सीमा नहीं। भारत पिछले 40 सालों के इससे पीड़ित है। आतंकियों का कोई आदर्श नहीं, कोई मूल्य नहीं हैं। वे मानवता के खिलाफ हैं। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के लिए शेख हसीना के नीति का सम्मान करता हूं।
10.) हिन्दुस्तान ने जमीन के लिए कभी किसी से लड़ाई नहीं लड़ी, लेकिन भारतीय सेना ने बांग्लादेश की मुक्ति के लिए यहां के लोगों के साथ अपना खून बहाया।
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प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी, बंगबंधु अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सेंटर, बांग्लादेश, Dhaka, PM, Narendra Modi, Bangladesh