- PM मोदी के यात्रा के दौरान भारत-मलेशिया के बीच व्यापार, डिजिटल इकोनॉमी और रक्षा सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी.
- दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, सीमा पार भुगतान और आपदा प्रबंधन सहित ग्यारह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
- मलेशिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा की गई, भारतीय प्रवासियों के लिए OCI कार्ड की पात्रता बढ़ी.
PM Modi Malaysia visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मलेशिया की दो दिवसीय (7-8 फरवरी) आधिकारिक यात्रा पूरी करने के बाद भारत लौटे. PM मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और मलेशिया ने लोकल करेंसी में व्यापार, डिजिटल इकोनॉमी और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई.पीएम मोदी ने मलेशिया की ओर से मिले प्रेम का आभार जताते हुए कुछ सुखद झलकियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कीं. इसमें मलेशिया के विविध रंग और भारत के मूल निवासियों के जुड़ाव की कहानी है. भारत के विदेश मंत्रालय ने मलेशिया यात्रा को यादगार बताया. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मोदी की मलेशिया यात्रा के महत्वपूर्ण नतीजे निकले हैं, जिससे दोनों देशों के संबंधों को काफी मजबूती मिलेगी.
हम समुद्री पड़ोसी, सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधः PM मोदी
पीएम मोदी ने भारत-मलेशिया संबंधों को विशेष बताते हुए कहा, ‘‘हम रणनीतिक विश्वास के माध्यम से आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेंगे.'' पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हम समुद्री पड़ोसी हैं. सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं.'' मोदी ने मलेशिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थापित करने के भारत के निर्णय की भी घोषणा की. दोनों पक्षों ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गहन सहभागिता के लिए एक रूपरेखा समझौते सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कुल 11 समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए.

11 अहम दस्तावेजों का आदान-प्रदान
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इकोनॉमी, लोकल करेंसी में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बताया कि इस दौरान 11 अहम दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ है, जिनमें समझौता ज्ञापन भी शामिल हैं. इनमें से कुछ समझौते सामान्य द्विपक्षीय रिश्तों से आगे बढ़कर शांति मिशन, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों को भी कवर करते हैं.
PM मोदी की मलेशिया यात्रा में हुए मुख्य समझौते
- सेमीकंडक्टर सहयोग: दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
- भारत के UPI और मलेशिया के PayNet के बीच सीमा पार भुगतान (cross-border payments) को लेकर समझौता हुआ, जिससे डिजिटल लेनदेन आसान होगा.
- 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम' में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा हुई. मलेशिया ने भारत की 2026 ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता का स्वागत किया.
- दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर सहमति जताई.
- समुद्री सुरक्षा, सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
- आपात स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साझा किया गया.
- प्रधानमंत्री ने मलेशिया में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate General) खोलने की घोषणा की.
- मलेशियाई छात्रों के लिए 'तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति' शुरू की गई है. साथ ही, 'यूनिवर्सिटी मलाया' में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित किया जाएगा.
- भारतीय प्रवासियों के लिए ओसीआई (OCI) कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया.
- मलेशिया में 'इंडियन कल्चरल सेंटर' का नाम बदलकर 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र' रखा जाएगा.
- पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग के लिए 'यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया' और भारत के 'आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान' के बीच समझौता हुआ.
- व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी.
- मलेशिया आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल हो गया है.
दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने क्या कुछ कहा?
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया और आसियान देशों के साथ मिलकर भारत के साथ व्यापार को 2025 में 18 अरब डॉलर से आगे बढ़ाने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे, जिसमें लोकल करेंसी के इस्तेमाल का फैसला भी अहम है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग मजबूत हुआ है. डिजिटल इकोनॉमी, बायोटेक और आईटी में आपसी निवेश बढ़ा है. इसके साथ ही पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क भी और मजबूत हुए हैं.

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सीईओ फोरम में व्यापार और निवेश को लेकर चर्चा
इससे पहले दिन में, पीएम मोदी ने भारत और मलेशिया के CEO से बातचीत की. एक्स पोस्ट में, पीएम मोदी ने कहा: "सीईओ फोरम ने हमारे दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश में नए अवसर खोले हैं." पीएम मोदी ने रविवार को मलेशिया में भारतीय मूल के नेताओं, जिनमें मंत्री और सांसद शामिल थे, से मुलाकात की और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियों की तारीफ की.
उन्होंने एक्स पोस्ट में इस मुलाकात का महत्व समझाया. उन्होंने कहा, "विशिष्ट मंत्रियों और सीनेटरों सहित पीआईओ नेताओं के साथ शानदार बातचीत हुई. भारत के प्रति उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव साफ दिख रहा था. सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां हर किसी के लिए बहुत गर्व की बात है."
It was very special to meet INA veteran Shri Jeyaraj Raja Rao.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2026
His life is marked by immense courage and sacrifice. Listening to his experiences was very inspiring.
We remain forever indebted to Netaji Subhas Chandra Bose, the brave women and men of the INA, whose valour helped… pic.twitter.com/dVkiDgCKGL
आजाद हिंद फौज के वयोवृद्ध सेना से भी मिले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कुआलालंपुर में आजाद हिंद फौज, जिसे इंडियन नेशनल आर्मी (INA) के नाम से भी जाना जाता है, के वयोवृद्ध जयराज राजा राव से भी मुलाकात की, और दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय प्रवासियों के बीच इस बल के ऐतिहासिक योगदान और विरासत पर प्रकाश डाला. एक्स पर जयराज राजा राव के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए, उन्होंने आईएनए और इसके संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को याद किया.
उन्होंने पोस्ट में लिखा, "आईएनए के वयोवृद्ध जयराजा राजा राव से मिलना बहुत खास था. उनका जीवन अपार साहस और बलिदान से भरा है. उनके अनुभव सुनना बहुत प्रेरणादायक था. हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आईएनए की बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा ऋणी रहेंगे, जिनकी वीरता ने भारत के भाग्य को आकार देने में मदद की."
मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत कई मुद्दों पर सहमति
इससे पहले दिन में, PM मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ उनके आधिकारिक आवास, सेरी पेरडाना में एक बैठक की. दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विकास सहयोग की समीक्षा की और सुरक्षा, रक्षा प्रौद्योगिकियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की.

पीएम मोदी ने इस मुलाकात की अहमियत समझाते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, "आज सुबह सेरी पेरडाना में पीएम अनवर इब्राहिम के साथ एक शानदार बैठक हुई. भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है. हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे सेक्टर्स में डेवलपमेंटल सहयोग की समीक्षा की. हमने सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई."
उन्होंने आगे कहा, "भारत-मलेशिया दोस्ती के केंद्र में लोगों के बीच आपसी संबंध हैं. सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट, टूरिज्म के लिए मुफ्त ई-वीजा और मलेशिया में यूपीआई के आने से हमारे लोग और करीब आएंगे. हम यूनिवर्सिटी एक्सचेंज बढ़ाने और अपने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट के मौके बनाने पर भी काम कर रहे हैं." शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे के लिए कुआलालंपुर पहुंचने पर, उनका मलेशियाई समकक्ष इब्राहिम ने गर्मजोशी से स्वागत किया था.
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