- PETA के कार्यकर्ताओं ने पेप्सी के खिलाफ भारत में बैलों के साथ क्रूरता के आरोप लगाकर अमेरिका में प्रदर्शन किया
- प्रदर्शनकारियों ने पेप्सी मुख्यालय के बाहर अपने पैरों को सीमेंट में जमा कर और नकली खून फैलाकर विरोध जताया
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और फायरफाइटर्स की मदद से उनके पैरों से सीमेंट तोड़ा गया
भारत के बैलों के हक के लिए अमेरिका में एक बेहद नाटकीय और चौंकाने वाला प्रदर्शन देखने को मिला है. पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन PETA के कार्यकर्ताओं ने पेप्सी के खिलाफ ऐसा विरोध किया जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. प्रदर्शनकारियों ने अपने पैरों को सीमेंट में जमा लिया, सिर पर बैलों के सींग लगाए और सड़क पर नकली खून फैलाया. इस दौरान पुलिस पहुंची, लोगों को गिरफ्तार किया गया और फायरफाइटर्स को हथौड़े और ड्रिल मशीन से सीमेंट तोड़कर प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालना पड़ा. चलिए बताते हैं कि आखिर भारत के बैलों को लेकर यह कैसी लड़ाई लड़ी जा रही है.
PETA का क्या है आरोप
पशु अधिकार संगठन PETA के गुस्साए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पेप्सी भारत में अपने जिन पार्टनर्स से चीनी मंगाता है, वहां बैलों के साथ अत्याचार किया जाता है. इसी के विरोध में उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित कंपनी के मुख्यालय के बाहर अपने पैरों को सीमेंट में जमा लिया. बुधवार को न्यूयॉर्क के पर्चेज इलाके में स्थित पेप्सीको मुख्यालय के बाहर यह प्रदर्शन हुआ. उसी समय कंपनी की वर्चुअल सालाना शेयरहोल्डर मीटिंग चल रही थी. प्रदर्शनकारियों ने बैलों के सींग जैसी पोशाक पहन रखी थी और उन्होंने मुख्य गेट को ब्लॉक कर दिया. इसकी जानकारी PETA ने अपने बयान में दी.
ARRESTED 🚨
— PETA (@peta) May 6, 2026
Five PETA have been ARRESTED in front of @PepsiCo headquarters. For months, PETA has been urging it to stop beating, whipping, & forcing bulls in its sugar supply chain to haul heavy carts in extreme heat. These brave animal defenders encased themselves in cement to… pic.twitter.com/liLyEduCkh
घटनास्थल के वीडियो में दिखाई दिया कि प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे और सड़क पर नकली खून फैला रहे थे. उनके पैर सीमेंट के ब्लॉक्स में फंसे हुए थे. इस दौरान गाड़ियां हॉर्न बजा रही थीं और पुलिस उन्हें हटने के लिए कह रही थी.
एक पुलिस अधिकारी को यह कहते हुए सुना गया कि ये लोग सिर्फ “फोटो खिंचवाने का मौका” बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उसने प्रदर्शनकारियों को विरोध बंद करने की चेतावनी भी दी. यह प्रदर्शन इसलिए किया गया ताकि PepsiCo भारत में उन सप्लायर्स और पार्टनर्स से चीनी खरीदना बंद करे, जिन पर PETA ने बैलों के साथ क्रूरता करने का आरोप लगाया है. संगठन का कहना है कि भारत में बैलों को पीटा जाता है, कोड़े मारे जाते हैं और बहुत ज्यादा वजन से भरी गन्ने की गाड़ियों को तेज गर्मी में खींचने के लिए मजबूर किया जाता है.