- ब्रिटेन पाकिस्तानी मूल के गैंगरेप सरगना को वापस भेजना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान इसे लेने से इनकार कर रहा है
- पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि शबीर अहमद को वापस लेने पर मजबूर किया तो ब्रिटेन के साथ सहयोग रोक सकता है
- शबीर अहमद को बच्चों के यौन शोषण के मामलों में सजा मिली थी और ब्रिटेन ने उसकी नागरिकता भी छीन ली है
एक तो पाकिस्तान दूसरे देशों में कुख्यात आतंकियों और क्रिमिनल्स की सप्लाई कर रहा और जब उन्हें वापस लेने की बारी आ रही तो उन्हें ही उलटा धमका रहा. ब्रिटेन पाकिस्तानी मूल के बच्चों के बलात्कारी और कुख्यात रोशडेल ग्रूमिंग गैंग के दोषी रिंगलीडर शबीर अहमद को वापस भेजना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है. पाकिस्तान ने कहा है कि अगर ब्रिटेन उसे शबीर अहमद को अपने देश वापस बुलाने के लिए मजबूर करने की कोशिश करता है, तो ब्रिटेन के साथ सहयोग नहीं करेगा. वह अवैध प्रवासियों को वापस लेना बंद कर सकता है. यह रिपोर्ट ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने छापी है.
शब्बीर अहमद को ब्रिटेन में बच्चों के साथ बलात्कार के 30 मामलों में 22 साल की सजा मिली थी. उनमें से वह 14 साल जेल में काटने के बाद रिहा हुआ है.
रिपोर्ट में क्या लिखा है?
'द टेलीग्राफ' की इस रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान सरकार के सीनियर अधिकारियों ने को बताया है कि उन्होंने पिछले एक साल में ब्रिटेन को लगभग 1,500 ऐसे लोगों को पाकिस्तान वापस भेजने में बेहतरीन स्तर (गोल्ड स्टैंडर्ड) का सहयोग दिया है, जिनकी ब्रिटेन में शरण लेने की अर्जी नामंजूर हो गई थी, जो वीजा खत्म होने के बाद भी वहां रुके हुए थे या जिन्होंने इमीग्रेशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया था.
लेकिन इन पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार ब्रिटेन जिद्द कर रहा है कि पाकिस्तान शब्बीर अहमद को वापस ले. ऐसे में पाकिस्तान धमकी दे रहा है कि इससे समझौते और साथ ही इंटेलिजेंस, सुरक्षा और संगठित अपराध पर व्यापक सहयोग खतरे में पड़ जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार माना जा रहा है कि पाकिस्तानी अधिकारी ब्रिटेन के सरकारी सूत्रों के उन सुझावों से नाराज हैं जिनमें कहा गया है कि अगर पाकिस्तान अहमद को वापस लेने से इनकार करता रहता है, तो यूके पाकिस्तानियों पर वीजा बैन और विदेशी मदद रोकने जैसे प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है.
लड़कियों के साथ रेप और यौन अपराधों के कई मामलों में 2012 में दोषी ठहराए जाने के बाद अहमद का UK पासपोर्ट छीन लिया गया था; उससे पहले उसके पास ब्रिटेन और पाकिस्तान, दोनों देशों की नागरिकता थी. वह रोचडेल और ओल्डम के उन नौ लोगों में से एक था, जिन्हें दो रेस्टोरेंट में 13 साल तक की कम उम्र की लड़कियों का शोषण करने का दोषी पाया गया था.
पाकिस्तान कह रहा- शबीर तो हमारा है ही नहीं
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने घोषणा की है कि वह 50 साल पुराने इमिग्रेशन कानूनों में बदलाव करेंगी ताकि उस कमी को दूर किया जा सके जिसकी वजह से सरकार शबीर अहमद को डिपोर्ट नहीं कर पा रही है, जबकि उसकी ब्रिटिश नागरिकता छीन ली गई है. हालांकि, पाकिस्तान उसे वापस लेने से इनकार कर रहा है. उसका कहना है कि अहमद ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी है. उसने अपनी लगभग पूरी जिंदगी यूके में बिताई है और इसलिए वह ब्रिटेन की जिम्मेदारी है.
इस रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन का न्याय मंत्रालय शबीर अहमद के रहने-सहने पर हजारों पाउंड खर्च कर रहा है. उस पर कई शर्तें लागू हैं, जैसे उसकी इलेक्ट्रॉनिक टैगिंग की गई है. ओल्डहैम (जहां वह रहता था) और रोचडेल (जहां उसने कई अपराध किए) में जाने पर रोक लगाई गई है, उसे बेल हॉस्टल में चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी में रखा जाता है और कुछ लोगों से मेल-जोल रखने पर पाबंदी लगी है.
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