उत्तर कोरिया के परमाणु ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए को बताया कि इस केंद्र में मौजूद परमाणु ऊर्जा सम्बंधित सभी इकाइयों को दोबारा ठीक किया जाएगा और चालू किया जाएगा।
प्योंगयांग:
उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कहा कि उसने न्योंगब्योन परमाणु केंद्र को फिर से चालू करने का निर्णय लिया है।
उत्तर कोरिया के परमाणु ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए को बताया कि इस केंद्र में मौजूद परमाणु ऊर्जा सम्बंधित सभी इकाइयों को दोबारा ठीक किया जाएगा और चालू किया जाएगा। इसमें यूरेनियम संवर्धन इकाई और 5 मेगावाट की ग्रेफाइट नियंत्रित परमाणु भट्टी को चालू करना भी शामिल है।
अक्टूबर 2007 में छह पक्षीय वार्ता के दौरान बनी सहमति के आधार पर इस केंद्र का संचालन बंद कर दिया गया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा है कि सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति ने अपनी पूर्ण बैठक में 31 मार्च को देश की बिजली किल्लत को दूर करने और परमाणु हथियारों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया था।
उत्तर कोरिया ने कुछ ही दिन पहले ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया के साथ युद्ध के हालात में प्रवेश कर गया है। इसके बाद उसने यह ताजा कदम उठाया है।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे ने सोमवार को उत्तर कोरिया के संभावित उकसावे पर कड़ा जवाब देने के लिए सेना को निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में उत्तर कोरिया ने 12 फरवरी को तीसरा परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है।
उत्तर कोरिया ने आत्मरक्षा में परमाणु हमला करने के अलावा 1953 की कोरियाई युद्ध विराम संधि को एकतरफा रद्द करने की भी धमकी दी है।
सीएनएन ने सोमवार को पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि अमेरिकी नौसेना अपने समुद्री राडार प्लेटफार्म को कोरियाई प्रायद्वीप के करीब ले जा रही है, ताकि उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधि और संभावित मिसाइल हमले पर नजर रखी जा सके।
उत्तर कोरिया के परमाणु ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए को बताया कि इस केंद्र में मौजूद परमाणु ऊर्जा सम्बंधित सभी इकाइयों को दोबारा ठीक किया जाएगा और चालू किया जाएगा। इसमें यूरेनियम संवर्धन इकाई और 5 मेगावाट की ग्रेफाइट नियंत्रित परमाणु भट्टी को चालू करना भी शामिल है।
अक्टूबर 2007 में छह पक्षीय वार्ता के दौरान बनी सहमति के आधार पर इस केंद्र का संचालन बंद कर दिया गया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा है कि सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति ने अपनी पूर्ण बैठक में 31 मार्च को देश की बिजली किल्लत को दूर करने और परमाणु हथियारों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया था।
उत्तर कोरिया ने कुछ ही दिन पहले ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया के साथ युद्ध के हालात में प्रवेश कर गया है। इसके बाद उसने यह ताजा कदम उठाया है।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे ने सोमवार को उत्तर कोरिया के संभावित उकसावे पर कड़ा जवाब देने के लिए सेना को निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में उत्तर कोरिया ने 12 फरवरी को तीसरा परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है।
उत्तर कोरिया ने आत्मरक्षा में परमाणु हमला करने के अलावा 1953 की कोरियाई युद्ध विराम संधि को एकतरफा रद्द करने की भी धमकी दी है।
सीएनएन ने सोमवार को पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि अमेरिकी नौसेना अपने समुद्री राडार प्लेटफार्म को कोरियाई प्रायद्वीप के करीब ले जा रही है, ताकि उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधि और संभावित मिसाइल हमले पर नजर रखी जा सके।
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