नाइजीरिया के एक नेता महमूद सादिस बुबा हाल ही में एक अजीब विवाद के कारण चर्चा में आ गए हैं. आपने झूठी उम्र बताने की कई खबर सुनी होगी लेकिन यकीन मानिए जो नाइजीरिया में हुआ है, उसकी आपने कल्पना नहीं की होगी. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बुबा ने आधिकारिक तौर पर अपनी उम्र 30 साल बताई थी, जो नाइजीरिया के संविधान के अनुसार चुनाव लड़ने के लिए जरूरी न्यूनतम उम्र की शर्त को पूरा करती है. लेकिन बाद में मीडिया संस्थान पीपल्स गजेट ने नाइजीरिया के पहचान रिकॉर्ड की जांच की और दावा किया कि उनकी असली उम्र करीब 16 साल है. यानी 16 साल का एक बच्चा खुद को 30 साल का बताकर चुनाव लड़ने की फिराक में था.
महमूद सादिस बुबा कौन हैं?
नाइजीरिया के स्थानीय लोगों के बीच "अबिन अल-अजाबी" (जिसका मतलब है "अजूबा") के नाम से मशहूर बुबा उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने 2027 के चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सीट के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी. लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उन्होंने चुनावी दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया है.
फेसबुक पर एक पोस्ट में उन्होंने घोषणा की कि वह तुरंत प्रभाव से प्रतिनिधि सभा के चुनाव से हट रहे हैं. बताया गया कि उन्होंने अपनी पार्टी ऑल प्रोग्रेसिव्स कांग्रेस (एपीसी) के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि यह फैसला "एपीसी के हित में" लिया गया है.
जब लोग उनके छोटे कद-काठी को लेकर चर्चा कर रहे थे, तब बुबा ने कहा कि उन्हें बौनापन (ड्वार्फिज्म) है. उनका दावा था कि यह स्थिति उन्हें उनके दादा से विरासत में मिली है. उन्होंने हमेशा कहा कि उनकी लंबाई कभी भी राष्ट्रीय संसद में सेवा देने की उनकी क्षमता को प्रभावित नहीं करेगी. लेकिन जब उनके जन्म प्रमाण पत्र सहित कुछ डॉक्यूमेंट लीक हुए, तो स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बौनापन वाले दावे पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए.
इन रिपोर्टों के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली है और नाइजीरिया में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की जांच प्रक्रिया को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक लीक हुए दस्तावेजों की असलियत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
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