- कनाडा पुलिस ने उगाही, हथियार और हिंसक घटनाओं में शामिल संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर जनता से मदद मांगी है.
- प्राभजोत सिंह और लवबीर सिंह को एक्सटॉर्शन से जुड़े शक में गिरफ्तार कर कनाडा से बाहर भेजा गया है.
- फायरिंग के आरोप में हरजोत सिंह, तरनवीर सिंह और दयाजीत सिंह बिलिंग को गिरफ्तार किया गया है.
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में बढ़ती उगाही, गैंगवार और फायरिंग की घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. सरे पुलिस सर्विस यानी SPS ने कई संदिग्धों और आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक करते हुए लोगों से मदद मांगी है. पुलिस का कहना है कि ये लोग एक्सटॉर्शन यानी जबरन वसूली, हथियारों और हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं या इन पर गंभीर शक है.
पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में सरे और आसपास के इलाकों में कई पंजाबी कारोबारियों, बिल्डरों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और अन्य व्यापारियों को धमकी भरे फोन आए. कई मामलों में विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम लेकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई.
धमकी नहीं मानने पर कारोबारियों की दुकानों, घरों और दफ्तरों पर फायरिंग तक की घटनाएं सामने आईं. यही वजह है कि अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है.
सरे पुलिस ने साफ कहा है कि इन मामलों की जांच अभी जारी है और कई अहम कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस को शक है कि कुछ लोग डर की वजह से सामने नहीं आ रहे हैं. इसलिए पुलिस ने विशेष Extortion Tip Line शुरू की है ताकि लोग सुरक्षित तरीके से जानकारी दे सकें.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसे अधिकारी मौजूद हैं जिन्हें संवेदनशील मामलों को संभालने की ट्रेनिंग दी गई है. जो भी व्यक्ति जानकारी देगा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी. कनाडा के कानून भी ऐसे लोगों की सुरक्षा करते हैं जो पुलिस की मदद करते हैं.
प्राभजोत सिंह
सरे पुलिस ने जिन लोगों की तस्वीरें जारी की हैं उनमें सबसे चर्चित नाम प्राभजोत सिंह का है. पुलिस के मुताबिक 20 साल का प्राभजोत सिंह भारतीय नागरिक था और उस पर एक्सटॉर्शन नेटवर्क से जुड़े होने का शक था. जांच के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. इसके बाद कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी यानी CBSA ने इमिग्रेशन नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कनाडा से बाहर भेज दिया.
पुलिस का मानना है कि प्राभजोत सिंह कई ऐसे लोगों के संपर्क में था जो व्यापारियों को धमकाने और उगाही नेटवर्क चलाने में सक्रिय थे. जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और फाइनेंशियल लिंक की भी जांच कर रही हैं.
लवबीर सिंह पर भी पुलिस की नजर
सरे पुलिस द्वारा जारी सूची में दूसरा बड़ा नाम लवबीर सिंह का है. पुलिस ने बताया कि उसे भी एक्सटॉर्शन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के शक में चिन्हित किया गया था.
इसके बाद CBSA ने इमिग्रेशन जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए उसे भी कनाडा से बाहर कर दिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कई बार विदेशी नागरिकों का इस्तेमाल स्थानीय नेटवर्क के जरिए किया जाता है.
फायरिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
सरे पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों की तस्वीरें भी जारी की हैं जिन पर फायरिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इनमें हरजोत सिंह, तरनवीर सिंह और दयाजीत सिंह बिलिंग शामिल हैं. तीनों पर कनाडा के क्रिमिनल कोड की धारा 244.2(1)(a) के तहत किसी स्थान पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस के अनुसार यह सिर्फ सामान्य फायरिंग का मामला नहीं था बल्कि इससे आम लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ. जांच एजेंसियों को शक है कि इन वारदातों का संबंध उगाही और गैंग दबदबा कायम करने से जुड़ा हो सकता है.
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय में कनाडा में कई व्यापारियों के घरों और बिजनेस प्रतिष्ठानों पर फायरिंग की घटनाएं हुई हैं. कई मामलों में पहले धमकी भरे कॉल किए गए और बाद में डर पैदा करने के लिए गोलियां चलाई गईं.
हर्षदीप सिंह और हंसप्रीत सिंह पर केस दर्ज
सरे पुलिस ने हर्षदीप सिंह और हंसप्रीत सिंह की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं. हर्षदीप सिंह पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाने और ऐसे वाहन में मौजूद रहने का आरोप है जिसमें हथियार रखा गया था. वहीं हंसप्रीत सिंह पर भी ऐसे वाहन में मौजूद रहने का आरोप लगाया गया है जिसमें अवैध हथियार मौजूद था.
पुलिस का कहना है कि हथियारों और गैंग नेटवर्क के बीच संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये हथियार कहां से आए और किन वारदातों में इस्तेमाल होने वाले थे.
कनाडा के सरे, ब्रैम्पटन और वैंकूवर जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में पंजाबी और भारतीय मूल के लोग रहते हैं. पिछले कुछ वर्षों में यहां गैंगस्टर नेटवर्क और उगाही के मामलों में तेजी आई है.
कई कारोबारी लगातार धमकियों की शिकायत कर चुके हैं. कुछ मामलों में भारत में सक्रिय गैंगस्टरों और विदेश में बैठे उनके सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं.
पुलिस का कहना है कि अपराधी सोशल मीडिया, इंटरनेट कॉलिंग और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए लोगों को धमकाते हैं ताकि उनकी पहचान आसानी से सामने न आए. सरे पुलिस सर्विस ने कहा है कि इन तस्वीरों को सार्वजनिक करना कानून के तहत किया गया है. पुलिस का मानना है कि कई ऐसे गवाह, पीड़ित या सहयोगी हो सकते हैं जो इन लोगों को पहचानते हों या इनके बारे में अहम जानकारी रखते हों.
पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते जानकारी मिल जाए तो आगे होने वाली हिंसक घटनाओं को रोका जा सकता है. सरे शहर प्रशासन ने एक्सटॉर्शन के मामलों से निपटने के लिए 2 लाख 50 हजार कनाडाई डॉलर का विशेष रिवॉर्ड फंड बनाया है.
इस कदम का मकसद लोगों को डर से बाहर निकालकर पुलिस की मदद के लिए प्रेरित करना है.सरे पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इन संदिग्धों, उगाही नेटवर्क, फायरिंग घटनाओं या गैंग गतिविधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो तुरंत Surrey Extortion Tip Line पर संपर्क करें.
यह हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहती है. पुलिस ने कहा है कि अलग-अलग भाषाओं में सहायता की सुविधा भी उपलब्ध है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बिना डर अपनी जानकारी साझा कर सकें.
पुलिस का कहना है कि जनता की मदद से ही इस तरह के गैंग नेटवर्क को खत्म किया जा सकता है और इलाके में बढ़ रही हिंसा पर रोक लगाई जा सकती है.
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