मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए दो धमाकों ने इस पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. राजधानी में हुए इस धमाके में 113 लोगों की जान एक झटके में चली गई, वहीं 4,000 से ज्यादा लोग घायल हैं. बेरूत पोर्ट पर हुए इन धमाकों से पहले वहां जहां आम दिनों की तरह ही चहल-पहल थी, वहीं अब तबाही का मंज़र दिख रहा है. बेरूत की धमाके की पहले और बाद की तस्वीरें दिल दहलाने वाली हैं. अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी Maxar की ओर से जारी की गई सैटेलाइट इमेज के मुताबिक, शहर की पहले की तस्वीरों में शहर के पोर्ट पर रोज़मर्रा की हलचल, एक करीने से बने वेयरहाउस, किनारे पर लगे शिप वगैरह दिखाई दे रहे हैं. वहीं, दूसरी तस्वीर में ये सबकुछ सिरे से गायब है. यहां मौजूद हर चीज के परखच्चे उड़ चुके हैं. कहीं-कहीं पर जमीन धंसी हुई दिखाई दे रही है. वहीं इलाके में मौजूद दूसरी बिल्डिंगें भी पूरी तरह ध्वस्त हैं. धमाका इतना शक्तिशाली था कि पोर्ट के एक हिस्से की जमीन भी धंस गई है.

इंटरनेट पर सामने आईं तस्वीरों में देखा जा सकता है कि घायल, खून से लथपथ लोग मलबों में दबे हुए हैं, पूरे इलाके में कांच के छोटे-बड़े टुकड़े फैले हुए हैं और बिल्डिंगें जल रही हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि धमाके के बाद आसमान में मशरूम के आकार का घना धुंआ और धूल निकलती हुई दिखाई दे रही है.
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धमाका इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि इसे 240 किमी दूर साइप्रस की राजधानी निकोसिया में भी महसूस किया गया, वहीं, सीस्मोलॉजिस्ट्स ने बताया कि इस धमाके की तीव्रता 3.3 मैग्नीट्यूड के भूकंप के बराबर थी.

पहले धमाके के बाद एक दूसरा धमाका भी हुआ, जिसके बाद एक नारंगी रंग का आग का गोला आसमान में उठा. इस आगे के गोले के पीछे-पीछे एक बवंडर जैसा झटका लगा, जिससे कि पूरे बंदरगाह के परखच्चे उड़ गए. झटका इतना जोर का था कि पूरे शहर में बिल्डिगों, खिड़कियों और गाड़ियों के कांच टूटकर बिखर गए.
लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने बताया कि पोर्ट के एक गोदाम में लगभग 2,750 टन अमोनियम नाट्रेट रखा हुआ था. इसी में धमाका हुआ है.

अमोनियम नाइट्रेट एक तरह का औद्योगिक केमिकल होता है, जिसे फर्टिलाइज़र और माइनिंग वगैरह के वक्त में विस्फोटक की तरह इस्तेमाल होता है. यह एक तरह का ऑक्सीडाइज़र होता है. आमतौर पर अगर इसे सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाए और यह किसी और चीज के संपर्क में न आए तो इससे कोई बहुत खतरा नहीं होता लेकिन अगर यह किसी तरह के फ्यूल के संपर्क में आया या फिर असुरक्षित तरीके से स्टोर किया गया, तो बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

कोरोनावायरस के दौर में इस ब्लास्ट ने लेबनान पर बहुत बड़ा प्रेशर डाल दिया है. यहां का हेल्थ सेक्टर पहले ही दबाव में है. वहीं देश इकॉनमिक क्राइसिस से भी जूझ रहा है. बेरूत के गवर्नर मरवान अबूद ने कहा कि इससे देश को 3 बिलियन डॉलर से 5 बिलियन डॉलर तक का नुकसान हुआ हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम 250,000 से लेकर 300,000 के बीच लोग बेघर हो चुके हैं.

यहां धमाके के बाद पहले लोगों को लगा था कि भूकंप का बड़ा झटका आया है. लेबनीज़ रेड क्रॉस ने कहा है कि 4,000 से ज्यादा घायल लोगों को इलाज चल रहा है.

बेरुत की मदद के लिए दुनियाभर से इमरजेंसी मेडिकल सहायता और मेडिकल किट वगैरह भेजा जा रहा है. वहीं, रेस्क्यू एक्सपर्ट्स और ट्रैकिंग डॉग भी यहां काम पर लग गए हैं.
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