माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक बिल गेट्स को आखिरकार यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर अमेरिकी सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. बंद कमरे में हुई इस पूछताछ के दौरान बिल गेट्स ने एपस्टीन से मिलने के अपने फैसले को 'गंभीर चूक' बताया है. हालांकि, उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "मैंने कभी किसी का शोषण नहीं किया है."
हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने स्वेच्छा से पेश हुए गेट्स ने अमेरिकी संसद पहुंचते ही उम्मीद जताई कि उनकी गवाही इस मामले की जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने में मददगार साबित होगी. उनके शुरुआती बयान के मुताबिक, गेट्स ने माना कि उन्हें एपस्टीन से कभी मिलना ही नहीं चाहिए था. उन्होंने साफ किया कि उन्हें कभी इस बात की भनक भी नहीं लगी कि एपस्टीन किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था.
क्यों हुई गेट्स से पूछताछ और आरोप है भी या नहीं?
दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की ओर से जेफरी एपस्टीन मामले की जांच के तहत जारी किए गए दस्तावेजों में बिल गेट्स का नाम कई बार सामने आया था. इसके बाद कमेटी के चेयरमैन और रिपब्लिकन सांसद जेम्स कोमर ने गेट्स को गवाही के लिए बुलाया. हालांकि, पूछताछ से पहले कोमर ने मीडिया से स्पष्ट किया कि बिल गेट्स पर किसी तरह की गड़बड़ी या अपराध का आरोप नहीं है. यह पूछताछ सिर्फ इसलिए की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि एपस्टीन जैसे अपराधियों को पकड़ने में सरकारी सिस्टम से कहां चूक हुई.
दस्तावेजों के अनुसार, बिल गेट्स और जेफरी एपस्टीन के बीच यह मुलाकातें साल 2011 में शुरू हुई थीं और 2014 के आखिर तक जारी रहीं. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रिश्ता तब शुरू हुआ, जब साल 2008 में ही एपस्टीन एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के मामले में फ्लोरिडा में दोषी करार दिया जा चुका था. इन दोनों के बीच बैठकों के कैलेंडर एंट्रीज, परोपकारी प्रोजेक्ट्स को लेकर हुए ईमेल और कुछ कार्यक्रमों की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें दोनों साथ नजर आ रहे हैं.
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