हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं के साथ-साथ पर्वतों और उन पर बने चिह्नों को भी खास माना जाता है. सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, हथेली पर बना त्रिभुज यानी टायएंगल कई तरह के संकेत दे सकता है. खास बात यह है कि यह निशान हथेली के किस हिस्से में बना है, इसके आधार पर इसका अर्थ भी बदल जाता है. आइए आचार्य मदन मोहन से जानते हैं हाथ में किस जगह पर त्रिभुज धन बना होता है. जिसके हाथ में भी त्रिभुज बना होता है उनके पास धन, सम्मान और करियर में तरक्की मिल जाती है.
गुरु पर्वत पर त्रिभुज
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, गुरु पर्वत पर त्रिभुज का निशान शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि ऐसे लोग समााज और लोकहित से जुड़े कामों में रुचि रखते हैं और करियर में ऊंचा पद हासिल कर सकते हैं.
शनि और सूर्य पर्वत
उन्होंने आगे कहा कि शनि पर्वत पर त्रिभुज होने पर व्यक्ति की रुचि ज्योतिष और गुप्त विद्याओं में हो सकती है. वहीं सूर्य पर्वत परर यह निशान शिल्प, विज्ञान या औषधि से जुड़े क्षेत्रों में सफलता का संकेत माना जाता है.
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बुध और मंगल पर्वत
मदन मोहन ने आगे बताया कि बुध पर्वत पर त्रिभुज वाले जातकों को व्यवसाय, विज्ञान और गहन अध्ययन में सफलता मिलने की मान्यता है. मंगल पर्वत पर यह निशान आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति का संकेत मान जाता है.
शुक्र और इंद्र स्थान
उन्होंने कहा कि शुक्र पर्वत पर त्रिभुज को गणित में रुचि और योग्यता से जोड़ा जाता है. वहीं इंद्र स्थान पर यह निशान गुप्त विद्याओं और जादू जैसी चीजों में रुचि का संकेत माना जाता है. साथ ही पितृ रेखा पर त्रिभुज पैतृक संपत्ति, मातृ रेखा पर ननिहाल पक्ष से लाभ का संकेत माना जाता है. आयु रेखा पर इसे धन, भूमि और वाहन प्राप्ति से जोड़ा गया है. भाग्य रेखा पर छोटा त्रिभुज कम और बड़ा त्रिभुज अधिक धन का संकेत माना जाता है.
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