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ईरान ने फिर से शुरू कर दिया है न्यूक्लियर गेम? सैटेलाइट तस्वीरें ट्रंप को परेशान करने के लिए काफी हैं

पिछले महीने जब दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, उसके ठीक बाद की तस्वीरों में इस पहाड़ी इलाके में बनी सुरंगों के अंदर और बाहर गाड़ियों की भारी आवाजाही देखी गई है.

ईरान ने फिर से शुरू कर दिया है न्यूक्लियर गेम? सैटेलाइट तस्वीरें ट्रंप को परेशान करने के लिए काफी हैं
ईरान ने साफ तौर पर दोहराया था कि वह परमाणु हथियार हासिल या विकसित नहीं करेगा.
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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को अभी महीना भी नहीं बीता था कि ये डील खत्म हो गई. इस बीच अब खबर आ रही है कि ईरान एक बार फिर से परमाणु ठिकानों को दोबारा तैयार कर रहा है.

कयास लगाए जा रहे हैं कि ईरान ने चोरी-छिपे अपने तबाह हो चुके परमाणु ठिकानों को फिर से खड़ा करना शुरू कर दिया है. सीएनएन की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान फिर से तबाह हुए न्यूक्लियर ठिकानों में जान डालने की कोशिश में जुटा है.

'इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी' के साथ मिलकर किए गए सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण में यह सामने आया है कि ईरान उन संदिग्ध परमाणु साइटों पर फिर से निर्माण कर रहा है. ये वही साइट हैं जिन्हें कुछ समय पहले ही निशाना बनाया गया था.

यह चौंकाने वाला खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए युद्धविराम समझौते को खत्म घोषित करते हुए इस हफ्ते नए हमलों के आदेश दे दिए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या ईरान ने इस ताजा तनाव से पहले ही समझौते की पीठ में छुरा घोंप दिया था?

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सैटेलाइट तस्वीरों में क्या हुआ कैद?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय पूरी दुनिया की नजरें ईरान के 'पारचिन' इलाके पर टिकी हैं. यह वही जगह है जिसके बारे में माना जाता है कि यहां परमाणु हथियारों से जुड़े विस्फोटक तैयार किए जाते थे.

इस साल की शुरुआत में जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर साझा सैन्य कार्रवाई की थी, तो उससे ठीक पहले ईरान ने पारचिन की अहमियत को देखते हुए इसके चारों तरफ एक कंक्रीट की मजबूत ढाल बनाई थी. हालांकि, हमलों में इस साइट को भारी नुकसान पहुंचा था.

लेकिन अब जून और जुलाई की जो नई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, वे कहानी कुछ और ही बयां कर रही हैं. जून की तस्वीरें में जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौता लागू था, तब ईरान ने हमलों से हुए गड्ढों और नुकसान को छिपाने के लिए उन पर अस्थायी कवर (परदे) डाल दिए थे.

अब यानी जुलाई की तस्वीरों में अब उन अस्थायी कवरों को हटाकर वहां जाली लगा दी गई है. रिपोर्ट इस तस्वीर को लेकर इशारा करती है कि वहां मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है.

संदेह के घेरे में सिर्फ पारचिन ही नहीं है. रिपोर्ट में 'पिकैक्स माउंटेन' का भी जिक्र किया गया है. इसका भी सीधा कनेक्शन ईरान के परमाणु कार्यक्रम से माना जाता है.

ईरान में परमाणु और मिसाइल ठिकानों का मौजूदा हाल क्या है?

ईरान के मुख्य परमाणु ठिकाने इस्फहान, फोर्डो और नतांज फिलहाल इस नई हलचल से अछूते दिख रहे हैं. वहां किसी नए बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं. लेकिन, कहानी में एक और ट्विस्ट है.

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने अपने मिसाइल स्टोरेज सेंटर्स पर भी काम शुरू कर दिया है. अमेरिका और उसके सहयोगी देश हमेशा से ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर चिंता जताते रहे हैं और अब कई मिसाइल साइटों पर मरम्मत का काम शुरू होना उनकी रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी है.

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